Barkattha (Shiladih) : प्रखंड के शिलाड़ीह पंचायत अंतर्गत बेलाटांड गांव में रविवार दोपहर पत्थर खदान खोलने के प्रस्ताव के विरोध में ग्रामीणों ने एक बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता रजनीकांत पांडेय ने की, जबकि संचालन पंसस प्रतिनिधि समीम अंसारी और जिला परिषद प्रतिनिधि चंद्रकांत पांडेय ने संयुक्त रूप से किया।
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बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और प्रस्तावित खदान के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। स्थानीय रैयतों ने स्पष्ट रूप से कहा कि बेलाटांड में पत्थर खदान नहीं खोलने दी जाएगी और इसके खिलाफ हर संभव कदम उठाया जाएगा।
ग्रामीणों की आशंकाएँ
जिप प्रतिनिधि चंद्रकांत पांडेय ने कहा कि खदान खुलने से स्थानीय लोगों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। वहीं समीम अंसारी ने चेतावनी दी कि खदान के संचालन से इलाके में धूल और धुआं फैलेगा, साथ ही पत्थर ब्लास्टिंग से लोगों के घरों को नुकसान पहुंचेगा।
संचालक की सफाई
इस मामले में जब खदान प्रस्तावक और पूर्व जिला परिषद प्रतिनिधि केदार साव से संपर्क किया गया, तो उन्होंने ग्रामीणों के आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि अभी खदान खोली नहीं जा रही है, बल्कि लीज प्रक्रिया के लिए दस्तावेज़ी काम चल रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध कर रहे कुछ लोगों ने उनसे रकम की मांग की थी, जिसे अस्वीकार करने पर अब वे ग्रामीणों को गुमराह कर विरोध करवा रहे हैं।
बैठक में शामिल प्रमुख लोग
इस बैठक में समाजसेवी सुनील पांडेय, राम तीरथ पांडेय, प्रकाश पांडेय, बबुनी पांडेय, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि राजकुमार गिरी, सहदेव पासवान, मुकेश यादव, कामेश्वर साव, परमेश्वर यादव, द्वारिका साव, रोहिताश पांडेय, जयप्रकाश पांडेय, इबरार अंसारी, कासीम अंसारी, शहबाज अंसारी, सोएब अली, नुरजहां खातून, सरफुल खातून, आइसा खातून, लालजीत कु. साव, उत्तम साव, सुनील पासवान, बबलू पासवान सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।
निष्कर्ष
ग्रामीणों की आशंका और विरोध तथा खदान संचालक की सफाई—दोनों पक्षों की स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासनिक प्रक्रिया किस दिशा में जाती है और क्या वास्तव में खदान खोली जाती है या नहीं।



