ईडी छापेमारी पर बोलीं अंबा प्रसाद – विपक्ष की साजिश, फिर भी खाली हाथ लौटी टीम

Ramgarh : बड़कागांव विधानसभा की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने ईडी की ताज़ा छापेमारी को विपक्ष की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि उनके घर ईडी की टीम सिर्फ एक घंटे की औपचारिक जांच के बाद खाली हाथ लौट गई। अंबा ने आरोप लगाया कि

ईडी छापेमारी पर बोलीं अंबा प्रसाद – विपक्ष की साजिश, फिर भी खाली हाथ लौटी टीम
Advertisement

Ramgarh : बड़कागांव विधानसभा की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने ईडी की ताज़ा छापेमारी को विपक्ष की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि उनके घर ईडी की टीम सिर्फ एक घंटे की औपचारिक जांच के बाद खाली हाथ लौट गई। अंबा ने आरोप लगाया कि यह छापेमारी दबाव बनाने की कोशिश है, क्योंकि उन्हें कांग्रेस की अखिल भारतीय ओबीसी सलाहकार समिति में बड़ी भूमिका दी गई है और बिहार-बंगाल चुनावों में सक्रियता भी बढ़ी है।

ईडी छापेमारी पर बोलीं अंबा प्रसाद – विपक्ष की साजिश, फिर भी खाली हाथ लौटी टीम
ईडी छापेमारी पर बोलीं अंबा प्रसाद – विपक्ष की साजिश, फिर भी खाली हाथ लौटी टीम

Also Read : स्मार्ट सिटी रांची की सड़क बनी तालाब

उन्होंने ट्वीट कर कहा कि विपक्षी ताकतें उनकी राजनीतिक सक्रियता से घबरा गई हैं, इसलिए ईडी जैसी संस्थाओं को उनके खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। अंबा ने बताया कि ईडी की टीम 6 घंटे उनके घर में मौजूद रही, लेकिन छानबीन मात्र एक घंटे हुई और बाकी समय सिर्फ इंतजार में बीता। अंततः टीम को कुछ हाथ नहीं लगा और वे लौट गईं।

इस बीच, उनके पिता और पूर्व मंत्री योगेंद्र साहू का नाम भी एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। केरेडारी में एनटीपीसी द्वारा भूमि अधिग्रहण को लेकर चल रहे विवाद में उन्होंने खुलकर विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनटीपीसी बिना गजट दिखाए ग्रामीणों की जमीन हड़पने का प्रयास कर रही है, जो कि पूरी तरह से अवैध है। विरोध स्वरूप उन्होंने कंपनी का काम रुकवा दिया और कहा कि जब तक अधिग्रहण से जुड़ा कोई वैध दस्तावेज सामने नहीं आता, तब तक निर्माण कार्य नहीं होने देंगे।

अंबा प्रसाद ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका और उनके परिवार का आरकेटीसी नामक कंपनी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर उनका नाम इस कंपनी से जोड़ा जा रहा है ताकि उनकी छवि खराब की जा सके। उन्होंने कहा कि संजीव साहू, मनोज दांगी और पंचम जैसे लोगों से उन्हें चुनाव में धोखा मिला था, और अब उनका कोई संपर्क भी नहीं है।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अंबा प्रसाद और उनके समर्थकों में आक्रोश है, जबकि प्रशासन और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *