आर्टेमिस-2 मिशन सफल, 50 साल बाद अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के पास जाकर सुरक्षित लौटे

वॉशिंगटन: नासा का ऐतिहासिक आर्टेमिस-2 मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। 10 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा के बाद ओरियन कैप्सूल प्रशांत महासागर में सुरक्षित उतरा। इस मिशन के जरिए करीब 50 वर्षों बाद इंसानों ने चंद्रमा के पास तक पहुंचकर वापसी की है। इस मिशन

आर्टेमिस-2 मिशन सफल, 50 साल बाद अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के पास जाकर सुरक्षित लौटे
Advertisement

वॉशिंगटन: नासा का ऐतिहासिक आर्टेमिस-2 मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। 10 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा के बाद ओरियन कैप्सूल प्रशांत महासागर में सुरक्षित उतरा। इस मिशन के जरिए करीब 50 वर्षों बाद इंसानों ने चंद्रमा के पास तक पहुंचकर वापसी की है।

इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री—रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसन—शामिल थे। इन्होंने कुल 11.16 लाख किलोमीटर की दूरी तय की और चंद्रमा के दूर वाले हिस्से (फार साइड) से गुजरते हुए पृथ्वी से 4,06,771 किलोमीटर की अधिकतम दूरी का नया रिकॉर्ड बनाया।

पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के दौरान ओरियन कैप्सूल की गति लगभग 39,000 किलोमीटर प्रति घंटा थी और घर्षण के कारण बाहरी तापमान करीब 2,760 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सफल स्प्लैशडाउन के बाद अमेरिकी नौसेना की टीम ने अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

यह मिशन इसलिए भी खास रहा क्योंकि पहली बार किसी महिला, अश्वेत अंतरिक्ष यात्री और गैर-अमेरिकी नागरिक ने चंद्रमा की कक्षा तक का सफर तय किया, जो अंतरिक्ष मिशनों में विविधता और समावेश का प्रतीक है।

यह मिशन 1 अप्रैल को फ्लोरिडा के केप कैनवरल से एसएलएस रॉकेट के जरिए लॉन्च किया गया था। यह नासा का पहला क्रूड टेस्ट फ्लाइट था, जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों ने पहले पृथ्वी की दो परिक्रमाएं कीं और फिर चंद्रमा के पास पहुंचकर उसकी परिक्रमा की।

इस मिशन ने अपोलो 13 के पुराने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। आर्टेमिस-2 की सफलता आर्टेमिस-3 मिशन के लिए रास्ता तैयार करती है, जिसका लक्ष्य 2028 तक चंद्रमा पर मानव लैंडिंग कराना और आगे चलकर मंगल ग्रह तक पहुंच बनाना है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *