दारू (हजारीबाग)। चार दशक से अधिक समय तक विद्यार्थियों को विज्ञान की शिक्षा देने वाले शिक्षक उमेश कुमार अपनी सेवानिवृत्ति की तैयारियों में जुटे थे। 31 जुलाई को उनके सेवा निवृत्त होने का दिन था। विद्यालय परिवार ने उनके सम्मान में विदाई समारोह की तैयारी कर रखी थी और छात्र भी अपने प्रिय शिक्षक को भावभीनी विदाई देने के लिए उत्साहित थे। लेकिन रिटायरमेंट से ठीक एक दिन पहले हुई विभागीय कार्रवाई ने इस भावुक अवसर को चर्चा का विषय बना दिया।
सेवानिवृत्ति से पहले जारी हुआ स्पष्टीकरण नोटिस
30 जुलाई को प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईओ) राकेश कुमार ने उमेश कुमार को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया। नोटिस में आरोप लगाया गया कि 24 जून से 27 जुलाई 2026 के बीच वह सात दिनों तक बिना पूर्व सूचना कुछ घंटों के लिए विद्यालय से अनुपस्थित रहे। इस संबंध में उनसे जवाब मांगा गया और उनके वेतन भुगतान पर भी रोक लगा दी गई।
बताया गया कि नोटिस मिलने के बाद शिक्षक मानसिक रूप से आहत हो गए और उनकी तबीयत भी बिगड़ गई।
समर्पित शिक्षक के रूप में रही पहचान
वर्ष 2018 से उत्क्रमित प्लस-टू उच्च विद्यालय, दिगवार में कार्यरत उमेश कुमार को विद्यालय में एक मेहनती, अनुशासित और कुशल विज्ञान शिक्षक के रूप में जाना जाता है।
उनके सहकर्मियों का कहना है कि यदि विभागीय प्रक्रिया आवश्यक थी, तो उसे सेवानिवृत्ति से ठीक पहले लागू करने के बजाय पहले भी पूरा किया जा सकता था। इसी कारण शिक्षा जगत में कार्रवाई के समय और तरीके को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
शिक्षक ने स्वास्थ्य का हवाला दिया
उमेश कुमार ने कहा कि उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है, जो वरीय अधिकारियों के निर्देश पर जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए फिलहाल वह इस मामले पर अधिक टिप्पणी नहीं करना चाहते।
सम्मान के साथ हुई विदाई
विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिनेश साहू ने बताया कि उमेश कुमार हमेशा एक समर्पित और उत्कृष्ट शिक्षक रहे हैं। उन्होंने कहा कि 31 जुलाई को विद्यालय में पूरे सम्मान के साथ उनका विदाई समारोह आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षक और छात्र दोनों भावुक नजर आए।
बीईओ ने कहा- यह नियमित विभागीय प्रक्रिया
बीईओ राकेश कुमार ने स्पष्ट किया कि शिक्षक से केवल विद्यालय से एक-दो घंटे पहले जाने के संबंध में कारण पूछा गया है। उनके अनुसार यह पूरी तरह नियमित विभागीय प्रक्रिया का हिस्सा है और इसमें किसी प्रकार की व्यक्तिगत दुर्भावना या द्वेष नहीं है।
गौरतलब है कि राकेश कुमार वर्तमान में दारू, सदर, कटकमसांडी, कटकमदाग, बरही, चलकूसा, पदमा समेत कुल 16 प्रखंडों का प्रभार संभाल रहे हैं।
समय और प्रक्रिया पर उठे सवाल
इस घटना के बाद शिक्षा जगत में यह बहस तेज हो गई है कि विभागीय कार्रवाई आवश्यक होने पर भी उसका समय और तरीका ऐसा होना चाहिए, जिससे किसी कर्मचारी की वर्षों की सेवा, सम्मान और गरिमापूर्ण विदाई प्रभावित न हो।










