लेखक गाँव की पहली पुस्तक का गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में होगा लोकार्पण, पर्यटन में सामुदायिक भागीदारी पर केंद्रित है शोधपरक गाइड

लेखक गाँव–स्पर्श हिमालय प्रकाशन की पहली पुस्तक ‘A Field Guide to Community Participation in Tourism’ का विश्व पर्यटन दिवस पर गढ़वाल विश्वविद्यालय में लोकार्पण होगा।
A Field Guide to Community Participation in Tourism
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Dehradun:लेखक गाँव–स्पर्श हिमालय प्रकाशन ने अपनी प्रकाशन यात्रा की शुरुआत पर्यटन और सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर आधारित शोधपरक पुस्तक से की है। ‘A Field Guide to Community Participation in Tourism’ यानी ‘पर्यटन में सामुदायिक सहभागिता : एक मार्गदर्शिका’ नामक पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है। इसका विधिवत लोकार्पण विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में किया जाएगा। पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्र की ओर से प्रकाशित इस पुस्तक की पहली प्रति लेखक गाँव के प्रकाशन अधिकारी हरेन्द्र नेगी ‘तेजांश’ ने लेखक गाँव के संस्थापक और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को भेंट की।

डॉ. निशंक ने दी लेखक और प्रकाशन टीम को बधाई

पुस्तक की प्रथम प्रति प्राप्त करने के बाद डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने इसके लेखक, मार्गदर्शकों और लेखक गाँव परिवार को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि लेखक गाँव की अवधारणा केवल साहित्य और रचनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य ज्ञान, शोध, संस्कृति, दर्शन, प्रकृति, हिमालय और पर्यटन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की सामग्री को भी पाठकों और समाज तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लेखक गाँव के माध्यम से साहित्य, संस्कृति, दर्शन, पर्यटन और शोध से जुड़े विषयों पर शोधपरक और ज्ञानवर्धक पुस्तकों का प्रकाशन किया जाएगा।

हिमालय और सतत पर्यटन पर रहेगा फोकस

डॉ. निशंक के अनुसार हिमालय, प्रकृति, संस्कृति, पर्यटन और भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित गुणवत्तापूर्ण प्रकाशन लेखक गाँव की प्रकाशन यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। इस दिशा में पहली पुस्तक को एक महत्वपूर्ण शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

स्थानीय समुदाय की भूमिका को समझाती है पुस्तक

‘A Field Guide to Community Participation in Tourism’ के लेखक डॉ. कुलदीप वर्मा हैं। पुस्तक में पर्यटन के विकास में स्थानीय लोगों की भूमिका और भागीदारी को व्यावहारिक नजरिए से समझाया गया है।

इसमें खास तौर पर इन विषयों पर चर्चा की गई है:

  • पर्यटन विकास में स्थानीय समुदाय की भागीदारी
  • ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के तरीके
  • स्थानीय संसाधनों और विरासत का संरक्षण
  • हिमालयी क्षेत्रों में जिम्मेदार पर्यटन
  • सतत एवं दीर्घकालिक पर्यटन विकास
  • स्थानीय स्तर पर पर्यटन योजनाओं में समुदाय की भूमिका

पुस्तक को केवल अकादमिक अध्ययन तक सीमित न रखते हुए खंड एवं जिला अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, गैर-सरकारी संगठनों, पर्यटन विभाग के अधिकारियों और क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं के लिए उपयोगी मार्गदर्शिका के रूप में तैयार किया गया है।

गढ़वाल हिमालय में सामुदायिक सहभागिता पर रहा है शोध

पुस्तक के लेखक डॉ. कुलदीप वर्मा का शोध कार्य गढ़वाल हिमालय में सामुदायिक सहभागिता के विषय पर केंद्रित रहा है। वहीं पुस्तक के मार्गदर्शक प्रो. आर. के. ढोड़ी और प्रो. रश्मि ढोड़ी पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, सतत पर्यटन विकास और महिला सशक्तीकरण जैसे विषयों पर कार्य कर रहे हैं। पुस्तक के परियोजना अधिकारी और मार्गदर्शक डॉ. सर्वेश उनियाल हिमालयी एवं साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे ‘सैर सलीका’ (Travel Manners) पहल के संस्थापक भी हैं।

विश्व पर्यटन दिवस पर होगा औपचारिक विमोचन

लेखक गाँव–स्पर्श हिमालय प्रकाशन की यह पहली पुस्तक है। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इसका औपचारिक लोकार्पण किया जाएगा। इस प्रकाशन के साथ लेखक गाँव ने साहित्य के साथ-साथ प्रकृति, हिमालय, पर्यटन, संस्कृति, दर्शन और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े शोधपरक साहित्य को सामने लाने की दिशा में अपनी प्रकाशन यात्रा शुरू की है। इस अवसर पर लेखक गाँव की निदेशक विदुषी ‘निशंक’, शिक्षाविद् डॉ. राजेश नैथानी, स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के सचिव बालकृष्ण चमोली, डॉ. विद्या जोशी सहित लेखक गाँव परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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