- उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बढ़ते सैन्य सहयोग की आलोचना करते हुए चेतावनी दी है कि भविष्य में सियोल ‘सामूहिक सजा’ का निशाना बन सकता है।
Seoul : उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग की आलोचना करते हुए चेतावनी दी है कि सियोल भविष्य में ‘सामूहिक सजा’ का निशाना बन सकता है। उत्तर कोरिया के एक अधिकारी ने यह टिप्पणी दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सेना के शीर्ष कमांडर जनरल जेवियर ब्रंसन की हालिया टिप्पणी के जवाब में की है।
दक्षिण कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी योनहाप के मुताबिक, उत्तर कोरिया के इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमी स्टेट स्टडीज के सेक्शन चीफ कांग चोल-सू ने सरकारी मीडिया में प्रकाशित एक बयान में अमेरिका पर दक्षिण कोरिया को अपनी रणनीति के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
अमेरिका पर दक्षिण कोरिया के इस्तेमाल का आरोप
कांग चोल-सू ने दावा किया कि वाशिंगटन दक्षिण कोरिया को क्षेत्रीय संघर्षों में अपनी रणनीति लागू करने के लिए प्रमुख आधार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग की भी आलोचना की।
उत्तर कोरियाई अधिकारी ने अमेरिकी सेना के कोरिया में कमांडर जनरल जेवियर ब्रंसन की हालिया टिप्पणी का हवाला दिया। ब्रंसन ने कोरियाई प्रायद्वीप की सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से तैयार करने और अमेरिका तथा दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर प्रायद्वीप के बाहर से आने वाले खतरों से निपटने की आवश्यकता पर जोर दिया था।
‘सामूहिक रक्षा’ पर उत्तर कोरिया की आपत्ति
कांग ने दावा किया कि ब्रंसन की टिप्पणी अमेरिका-दक्षिण कोरिया गठबंधन को केवल दक्षिण कोरिया की रक्षा तक सीमित रखने की पुरानी दलील से आगे बढ़कर व्यापक ‘सामूहिक रक्षा’ व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश को दर्शाती है।
उन्होंने दक्षिण कोरिया के बढ़ते रक्षा खर्च की भी आलोचना की।
कांग ने कहा कि दक्षिण कोरिया, जिसे अमेरिकी रणनीतिक हितों के तहत ‘सामूहिक रक्षा का निर्णायक केंद्र’ बताया जा रहा है, आगे चलकर ‘सामूहिक सजा का निर्णायक निशाना’ बन सकता है।
हालांकि, यह बयान उत्तर कोरिया की ओर से जारी किया गया है और इसमें दक्षिण कोरिया के खिलाफ किसी विशिष्ट सैन्य कार्रवाई का विवरण नहीं दिया गया है।
कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव जारी
यह बयान ऐसे समय आया है जब कोरियाई प्रायद्वीप पर सैन्य तनाव को लेकर उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच बयानबाजी जारी है।
हाल के दिनों में उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण भी किया है। इसके बाद दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान ने उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रक्षेपणों को लेकर आपसी चर्चा की है।
उत्तर कोरिया का ताजा बयान क्षेत्र में जारी सैन्य और कूटनीतिक तनाव के बीच आया है।




