New Delhi: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति और वैकल्पिक जगह की मांग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बंद होने से लोगों के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार पर असर पड़ रहा है। मामले पर हाई कोर्ट में 13 अक्टूबर को सुनवाई होगी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर क्या है विवाद?
एक अधिवक्ता ने इस मामले को दिल्ली हाई कोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव साम्ब्रे की पीठ के सामने उठाया। उन्होंने दलील दी कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन बंद कर दिए गए हैं और प्रदर्शनकारियों के लिए कोई दूसरी जगह भी निर्धारित नहीं की गई है। याचिका के अनुसार, शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना नागरिकों के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार से जुड़ा विषय है। ऐसे में प्रदर्शन के लिए उचित स्थान उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा अदालत के सामने रखा गया है। अधिवक्ता ने अदालत से तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया था। हालांकि, पीठ ने मामले को मंगलवार, 13 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की बात कही।
Also Read: ₹250 देने के बहाने घर से बुलाया, अगले दिन टंकी के गड्ढे में मिला 40 वर्षीय युवक का शव – PRATAH NEWZ
सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है मामला
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट की पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले पर विचार कर रहा है। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से इस संबंध में हलफनामा दाखिल करने को कहा है। पीठ ने संकेत दिया कि जब मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, तो हाई कोर्ट के स्तर पर इस पर विचार करने की सीमा को भी ध्यान में रखना होगा।
13 अक्टूबर की सुनवाई पर नजर
अब इस मामले में 13 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। याचिका पर अदालत का रुख यह स्पष्ट करने में मदद कर सकता है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने के मुद्दे पर आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी। फिलहाल, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर किसी अंतिम न्यायिक फैसले की जानकारी इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है। आगे की स्थिति अदालत की सुनवाई और संबंधित पक्षों के जवाब पर निर्भर करेगी।



