Patna : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के छात्र-छात्राओं और युवाओं की समस्याओं के समाधान को लेकर बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए चल रहे सहयोग पोर्टल की तर्ज पर अब छात्रों की समस्याओं के लिए भी अलग ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि छात्रों की समस्याओं को केवल ऑनलाइन दर्ज करके छोड़ नहीं दिया जाएगा। प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए समयसीमा तय की जाएगी।
30 दिन में समाधान नहीं तो CM स्तर पर कैंप
सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि किसी छात्र की समस्या पोर्टल पर दर्ज होने के 30 दिनों के भीतर हल नहीं होती है, तो उसे मुख्यमंत्री स्तर पर लाया जाएगा। इसके लिए अलग से सहयोग शिविर आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए महीने में एक बार मुख्यमंत्री स्तर पर अलग सहयोग शिविर चलेगा। इस शिविर में उन समस्याओं की समीक्षा की जाएगी, जिनका समाधान निर्धारित समयसीमा में नहीं हो पाया है।
स्कूल-कॉलेजों में जाएंगे मंत्री और अधिकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही राज्य के सभी मंत्रियों और संबंधित अधिकारियों को स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्र-छात्राओं से बातचीत करने का निर्देश दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि केवल मंत्री और अधिकारी ही नहीं, बल्कि विधायक और सांसद भी युवाओं के बीच जाकर उनकी समस्याएं और सुझाव सुनेंगे।
पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई
छात्रों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था की चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने पेपर लीक के मुद्दे पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा व्यवस्था को लीकेज प्रूफ बनाने के लिए काम कर रही है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि पेपर लीक करने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई और सजा की व्यवस्था की गई है।
बिहार की संस्कृति और इतिहास को आगे बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ी बिहार की संस्कृति, सभ्यता और गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने बिहार में बोली जाने वाली भाषाओं और उनके गौरवशाली इतिहास को भी आगे बढ़ाने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि सरकार इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए युवाओं के लिए काम करेगी।










