Ranchi : झारखंड के महान स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी समाज के प्रेरणास्रोत भगवान बिरसा मुंडा की 125वीं पुण्यतिथि पर अबुआ अधिकार मंच ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन, संघर्ष और बलिदान को याद किया। राजधानी रांची के कोकर स्थित बिरसा मुंडा समाधि स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मंच के सदस्यों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर धरती आबा को नमन किया।
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मंच के अध्यक्ष गौतम सिंह ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने केवल ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने ही लोगों द्वारा किए गए धोखे और सामाजिक अन्याय के खिलाफ भी लड़ाई लड़ी। उन्होंने जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
इस अवसर पर मंच ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि जल्द ही एक “बिरसा विचार जन-जागरण अभियान” की शुरुआत की जाएगी, जिसके अंतर्गत गांव-गांव और आदिवासी क्षेत्रों में बिरसा मुंडा के विचारों को जनमानस तक पहुँचाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को उनके ऐतिहासिक संघर्ष से जोड़ना और सामाजिक चेतना को जगाना है।
श्रद्धांजलि सभा में कई युवा कार्यकर्ता और सदस्य उपस्थित थे जिनमें वेदांत कौस्तव, शौविक चटर्जी, अभिषेक झा, ईशा गुप्ता, विक्रम यादव, प्रतीक्षा कुमारी, वशिष्ठ राज गुप्ता, अंजना लिंडा और अंकित गारी प्रमुख रूप से शामिल रहे।
अबुआ अधिकार मंच का संदेश स्पष्ट था:
“धरती आबा केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पथ-प्रदर्शक हैं। उनके विचार आज भी सामाजिक न्याय और अधिकारों की लड़ाई में प्रेरणा देते हैं।”
मंच का यह प्रयास केवल एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का एक नया अध्याय साबित हो सकता है, जो झारखंड के ग्रामीण और आदिवासी समाज को संगठित करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।



