- असम में बाढ़ से सात जिलों के 433 गांवों में 86,832 लोग प्रभावित हैं। मृतकों की संख्या 104 हो गई है, जबकि 79 राहत केंद्रों में हजारों लोगों को मदद मिल रही है।
Assam : राज्य में बाढ़ का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सात जिलों के 433 गांवों में करीब 86,832 लोग अब भी प्रभावित हैं। हालांकि, ज्यादातर नदियों का जलस्तर सामान्य होने लगा है, लेकिन धनसिरी नदी नुमलीगढ़ में अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
बुधवार को शिवसागर और कार्बी आंगलोंग जिले से एक-एक शव बरामद हुआ। इसके साथ ही बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में मृतकों की संख्या बढ़कर 104 हो गई है।
सात जिलों में बाढ़ का असर
बाढ़ से गोलाघाट, होजाई, शिवसागर, नगांव, जोरहाट और कार्बी आंगलोंग समेत कई जिले प्रभावित हैं। करीब 10,884 हेक्टेयर कृषि भूमि अब भी पानी में डूबी हुई है।
जलस्तर में कमी आने के साथ कई इलाकों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। इसके बावजूद प्रभावित गांवों में लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं।
79 राहत केंद्रों में मिल रही मदद
राज्य सरकार की ओर से प्रभावित लोगों के लिए 42 राहत शिविर और 37 राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन 79 केंद्रों पर करीब 7,216 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं, जबकि 5,795 लोगों को राहत वितरण केंद्रों के जरिए मदद मिल रही है।
बाढ़ का पानी कम होने के बाद कई लोग राहत शिविरों से अपने घर लौटने लगे हैं। हालांकि, कई घरों में दो से तीन फीट तक मिट्टी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
SDRF समेत कई एजेंसियां राहत कार्य में जुटीं
राहत और बचाव कार्य में SDRF, DDRF, पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं, स्थानीय प्रशासन और प्रशिक्षित स्वयंसेवक जुटे हुए हैं।
बाढ़ के कारण सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। सरकार प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और स्थिति सामान्य करने के लिए लगातार काम कर रही है।










