Patna : बिहार विधानसभा अब पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। ई-विधान (नेवा) व्यवस्था के तहत आने वाले दिनों में शून्यकाल समेत ध्यानाकर्षण, कार्य स्थगन, निवेदन, याचिका और गैर-सरकारी संकल्प से जुड़ी सभी सूचनाएं सदन के समक्ष ऑनलाइन प्रस्तुत की जाएंगी। इसके लिए विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली में संशोधन किया जाएगा।
रविवार को विधानसभा की नियम समिति की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने की। उन्होंने समिति के सदस्यों से प्रस्तावित संशोधनों का गंभीरता से परीक्षण करने और अपने सुझाव देने का आग्रह किया।
नियमावली में किया जाएगा संशोधन
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि समिति के अनुभव और मार्गदर्शन से ऐसे नियम तैयार किए जा सकेंगे, जो वर्तमान जरूरतों के साथ भविष्य में होने वाली तकनीकी प्रगति के अनुरूप भी उपयोगी साबित हों।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से समय की बचत होगी। साथ ही अभिलेखों को सुरक्षित और स्थायी रूप से संरक्षित रखने में मदद मिलेगी। इससे विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक दक्ष, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
लंबित मामलों की होगी समीक्षा
बैठक के बाद सामान्य प्रयोजन समिति की बैठक भी हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि सबसे पहले लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी।
आवश्यकता पड़ने पर लंबित कार्रवाई को समाप्त मानते हुए संबंधित मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
बैठक में कई नेता रहे मौजूद
नियम समिति और सामान्य प्रयोजन समिति की बैठकों में उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री विजय कुमार सिन्हा, लेशी सिंह, केदार प्रसाद गुप्ता, पूर्व उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, पूर्व मंत्री आलोक मेहता, विधायक अरुण मांझी और माधव आनंद उपस्थित रहे।
ई-विधान व्यवस्था के विस्तार के साथ बिहार विधानसभा की कार्यवाही और सूचनाओं को ऑनलाइन करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।










