Patna: बिहार में स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से ‘स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2026’ की शुरुआत हो गई है। लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान (एलएसबीए) के तहत यह विशेष अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक पूरे राज्य में चलाया जाएगा। अभियान के दौरान पंचायतों से लेकर ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों तक विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। पटना के रुकनपुरा स्थित सांई कॉरपोरेट सेंटर में 17 सितंबर को आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में अभियान की शुरुआत हुई। ग्रामीण विकास विभाग एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने अपने संदेश में पंचायतों में स्वच्छता के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार में करीब 1.30 लाख स्वच्छता कर्मी घरों से निकलने वाले कचरे के संग्रहण और उसे वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
कचरे से तैयार हो रहे उपयोगी सामान
मंत्री ने कहा कि सूखे कचरे के प्रसंस्करण से कई तरह के उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य कचरे को बोझ मानने के बजाय उससे समृद्धि पैदा करने की दिशा में काम करना है। उन्होंने अधिकारियों को पंचायत स्तर पर स्वच्छता को जन आंदोलन का रूप देने का निर्देश दिया। इसमें जीविका दीदियों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। एलएसबीए के मिशन निदेशक हिमांशु शर्मा ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत स्वच्छता के क्षेत्र में लगातार काम हो रहा है। इस अभियान में यूनिसेफ समेत विभिन्न विकास सहयोगी संस्थाओं की भी भूमिका बताई गई।
‘वेस्ट टू आर्ट’ को मिलेगा बढ़ावा
एलएसबीए के राज्य समन्वयक राजेश कुमार ने कहा कि स्वच्छता केवल विभागीय निर्देशों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे लोगों की दिनचर्या और सामाजिक व्यवहार का हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि राज्य में ‘वेस्ट टू आर्ट’ के तहत प्लास्टिक कचरे से मेज-कुर्सी, गुलदस्ता और अन्य सजावटी एवं घरेलू सामान तैयार करने जैसी पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि कचरे के बेहतर निस्तारण के लिए ऐसी रचनात्मक पहलों को आगे बढ़ाने की जरूरत है। साथ ही बच्चों और युवाओं के व्यवहार में बदलाव लाकर स्वच्छता के प्रति उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
12 जिलों में जाएगा गंगा स्वच्छता जागरूकता रथ
कार्यक्रम के दौरान बिहार के विभिन्न जिलों में स्वच्छता के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय नवाचारों पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया गया। इसके अलावा गंगा स्वच्छता जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। डिजिटल स्क्रीन और ऑडियो-विजुअल सुविधाओं से लैस यह रथ 12 जिलों में भ्रमण करेगा। इसके माध्यम से लोगों को ‘स्वच्छता ही सेवा’ और संपूर्ण स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा।
धरोहर और धार्मिक स्थलों पर होगी विशेष सफाई
पखवाड़े के दौरान राज्य के धरोहर, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, पर्यटन और धार्मिक महत्व वाले स्थलों को चिन्हित कर जनभागीदारी से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। पंचायतों के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी सफाई के साथ पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित होंगे। अभियान में जीविका समूहों के साथ पंचायतों के मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। बच्चों और युवाओं को स्वच्छता के साथ-साथ कचरे से उपयोगी वस्तुएं बनाने के नवाचारों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
हर महीने होगी पंचायतों की स्वच्छता समीक्षा
राज्य समन्वयक ने पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था की नियमित निगरानी के लिए हर महीने एक निर्धारित तारीख पर वर्चुअल बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कचरे के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की ठोस योजना बनाने और लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।



