Ranchi : जमशेदपुर में सामने आए 800 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलकाता के कारोबारी अमित गुप्ता को 3 दिनों की रिमांड पर लिया है। अमित गुप्ता पर शेल कंपनियों के माध्यम से फर्जी जीएसटी इनवॉइस तैयार कर सरकार को राजस्व में भारी चूना लगाने का आरोप है।
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ईडी की विशेष अदालत से अनुमति मिलने के बाद मंगलवार से अमित गुप्ता की रिमांड शुरू हुई है। अब उन्हें 5 जून को रिमांड की अवधि समाप्त होने पर दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
शेल कंपनियों से 800 करोड़ का घोटाला
जांच एजेंसियों के अनुसार, अमित गुप्ता समेत अन्य आरोपियों ने 90 से ज्यादा शेल कंपनियों का उपयोग करते हुए लगभग 14,325 करोड़ रुपये के फर्जी चालान बनाए और इससे 800 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का फर्जी दावा किया गया। इससे सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व नुकसान हुआ।
अब तक चार गिरफ्तारियां
इस मामले में अब तक चार आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें शिवकुमार देवड़ा, जमशेदपुर के व्यापारी विक्की भालोटिया, कोलकाता के अमित गुप्ता और मोहित देवड़ा शामिल हैं। ये सभी रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद हैं। ईडी द्वारा इन सभी के खिलाफ ईसीआईआर दर्ज की गई है और पूछताछ की जा रही है।
पहले भी हुई थी कार्रवाई
इससे पहले जीएसटी इंटेलिजेंस विभाग द्वारा इस घोटाले की जांच की जा चुकी है। जीएसटी अधिकारी दिनेश सिंह के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें शिव कुमार देवड़ा, सुमित गुप्ता और अमित गुप्ता को आरोपी बनाया गया था।
ईडी को मिले अहम सबूत
ईडी को जांच के दौरान फर्जी कंपनियों के लेन-देन, बैंक रिकॉर्ड, और डिजिटल डेटा जैसे कई अहम सबूत हाथ लगे हैं। माना जा रहा है कि अमित गुप्ता से पूछताछ के दौरान घोटाले से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं और नई गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।



