- कटिहार में मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत 118 बच्चों की जांच कराई गई, जिनमें 30 बच्चों का सफल ऑपरेशन हुआ। जिले में मुफ्त जांच और स्वास्थ्य सुविधाएं भी बढ़ीं।
कटिहार: राज्य सरकार के प्रयासों से जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत जन्मजात हृदय रोग यानी दिल में छेद से पीड़ित बच्चों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। कटिहार में अब तक 118 बच्चों की जांच कराई गई है, जिनमें से 30 बच्चों का सफल ऑपरेशन हो चुका है।
जिले के सदर अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक ओपीडी, इनडोर, मुफ्त पैथोलॉजी और एक्स-रे जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गंभीर बीमारियों के उपचार और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं।
मुफ्त जांच और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कटिहार सदर अस्पताल और सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त पैथोलॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध है। जिले के 13 स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को मुफ्त एक्स-रे की सुविधा भी मिल रही है।
सदर अस्पताल में पीपीपी मोड के तहत आधुनिक अल्ट्रासाउंड और डायलिसिस सेवाएं संचालित की जा रही हैं। कैंसर मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल परिसर में कैंसर डे केयर भी स्थापित किया गया है।
118 बच्चों की जांच, 30 का सफल ऑपरेशन
बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए पूरी तरह निःशुल्क इलाज की व्यवस्था की गई है।
कटिहार जिले के अब तक 118 बच्चों की जांच आईजीआईसी, आईजीआईएमएस पटना और सत्यसाई हॉस्पिटल, अहमदाबाद में कराई गई है। इनमें से 30 बच्चों का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है।
‘दीदी की रसोई’ से मरीजों को मुफ्त भोजन
सदर अस्पताल और अनुमंडलीय अस्पतालों में भर्ती मरीजों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए ‘दीदी की रसोई’ संचालित की जा रही है। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिल रही है।
10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण पूरा
जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए प्रखंड स्तर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 6-बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उत्क्रमित किया जा रहा है।
कटिहार जिले में अब तक 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, बलरामपुर और हसनगंज के सीएचसी भवनों का निर्माण अंतिम चरण में है।
इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ के अंतर्गत जिले में 10 नए स्वास्थ्य केंद्र भवनों का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है।





