सरकारी योजनाओं का लाभ राज्यवासियों को मिले यह सुनिश्चित करें अधिकारी : मुख्यमंत्री

रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बुधवार को अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो भी सरकारी योजनाएं चल रही हैं, उसका लाभ राज्य वासियों को

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रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बुधवार को अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो भी सरकारी योजनाएं चल रही हैं, उसका लाभ राज्य वासियों को हर हाल में मिले यह सुनिश्चित करें। आदिवासी, दलितों पिछड़ों एवं अल्पसंख्यकों के विकास पर सरकार का विशेष जोर है। ऐसे में इनके लिए संचालित योजनाएं सुचारू तरीके से संचालित होनी चाहिए।

योजनाओं पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री ने इस बैठक में विशेष रूप से साइकिल वितरण योजना, एकलव्य और आश्रम विद्यालय, छात्रावासों का जीर्णोद्धार, कल्याण अस्पतालों का संचालन और छात्रवृत्ति योजनाओं की विशेष रूप से समीक्षा की। इस मौके पर उन्होंने अधिकारियों से इन योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और कई निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लगभग 15 लाख विद्यार्थियों के बीच साइकिल वितरण किया जाना है। यह काफी चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में साइकिल की बजाए विद्यार्थियों अथवा उनके अभिभावकों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से साइकिल के लिए जो राशि आवंटित है, उसे डालने की कार्य योजना पर कार्य करें। ताकि, विद्यार्थियों को तय समय सीमा में इसका लाभ मिल सके।

साथ हीं मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रावासों का पूर्ण रूप से जीर्णोद्धार होना चाहिए। जो छात्रावास पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, उसे तोड़कर उसी जगह नए छात्रावास का निर्माण हो। छात्रावासों में रसोईया, चौकीदार और बिजली -पानी और शौचालय जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं बेहतर तरीके से होनी चाहिए। छात्रावास पूरी तरह चकाचक रहे इसे हर हाल में सुनिश्चित करें। जिलों में जितने छात्रावास अवस्थित हैं, उसकी संख्या और वहां रहने वाले विद्यार्थियों की सूची तैयार करें और इन छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिए भोजन उपलब्ध कराने के लिए सेंट्रलाइज्ड किचन की व्यवस्था करने संबंधित कार्य योजना बनाएं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि एकलव्य और आश्रम विद्यालय को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की तर्ज पर चलाने की दिशा में कार्य योजना तैयार करें। इन विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मियों के पदों पर शत प्रतिशत स्थानीय की नियुक्ति हो, इसे सुनिश्चित करें।

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