Patna : राजधानी पटना की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम अब निजी एजेंसी की मदद लेने जा रहा है। नगर निगम ने एकीकृत ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। इसके तहत एक निजी एजेंसी को चार वर्षों के लिए करीब ₹555.32 करोड़ में कचरा संग्रहण, परिवहन और सड़क सफाई की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके लिए टेंडर जारी हो चुका है और जल्द ही नई व्यवस्था शुरू होने की उम्मीद है।
75 वार्डों में चार तरह का कचरा अलग-अलग होगा
नई व्यवस्था के तहत पटना के सभी 75 वार्डों में घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से गीला, सूखा सहित चार श्रेणियों का कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाएगा।
निजी एजेंसी घरों और दुकानों से कचरा उठाकर उसे गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन (GTS) तक पहुंचाएगी। वहां से कचरे को प्रसंस्करण स्थल तक ले जाने की जिम्मेदारी भी एजेंसी की होगी।
कचरे के पृथक्करण के बाद इसे रामचक बैरिया स्थित डंपिंग यार्ड ले जाया जाएगा, जहां प्रस्तावित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के जरिए कचरे के निपटारे की योजना है।
सड़क की सफाई भी निजी एजेंसी के जिम्मे
नई व्यवस्था में सिर्फ डोर-टू-डोर कचरा उठाव ही नहीं, बल्कि शहर की सड़कों की सफाई भी एजेंसी की जिम्मेदारी होगी। रात में मैनुअल रोड स्वीपिंग के साथ ई-रिक्शा, हाथठेला, ट्रैक्टर और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था एजेंसी को करनी होगी।
नगर निगम ने पूरे शहर को छह अंचलों में बांटा है और सभी अंचलों में मैनुअल रोड स्वीपिंग की व्यवस्था की जाएगी।
725 नए वाहन खरीदने की योजना पर लगी रोक
नगर निगम ने सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए पहले 725 नए वाहनों की खरीद को मंजूरी दी थी। हालांकि, एकीकृत ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था लागू करने का निर्देश मिलने के बाद वाहनों की खरीद रोक दी गई।
नगर निगम के मुताबिक, पुराने और खराब वाहनों के कारण फिलहाल करीब 40 प्रतिशत इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण प्रभावित है। 75 वार्डों को पांच-पांच सेक्टरों में बांटकर प्रत्येक सेक्टर में वाहन और टीम की व्यवस्था की गई है।
निगम का कहना है कि किसी वाहन के खराब होने की सूचना मिलते ही संबंधित क्षेत्र में वैकल्पिक वाहन भेजकर कचरा उठाव सुनिश्चित किया जाता है।
4 लाख से अधिक घरों और प्रतिष्ठानों को मिलेगा लाभ
पूरी योजना के तहत पटना के करीब 4,04,509 घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कवर किया जाएगा। इनमें 3,42,892 आवासीय घर, अपार्टमेंट और हॉस्टल शामिल हैं। इसके अलावा 61,617 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से भी नियमित रूप से कचरा संग्रह किया जाएगा।
नगर निगम को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण अधिक प्रभावी होगा और शहर में खुले में कचरा जमा होने की समस्या कम होगी।
अपर नगर आयुक्त राजन सिन्हा ने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद शहरवासियों को कचरा उठाव और सफाई की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि पटना की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार लाने और शहर को फाइव से सेवन स्टार रैंकिंग तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।










