WEST SINGHBHUM : झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान को और तेज करने के उद्देश्य से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह शुक्रवार को चाईबासा पहुंचे। यहां समाहरणालय में उन्होंने राज्य पुलिस और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
सारंडा–कोल्हान ऑपरेशन पर चर्चा
बैठक के दौरान सारंडा और कोल्हान के घने जंगलों में सक्रिय नक्सली संगठनों के खिलाफ चल रहे अभियानों की विस्तृत समीक्षा की गई। हाल के दिनों में हुई मुठभेड़ों, बरामद आईईडी और सुरक्षा बलों की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
बेहतर समन्वय और मजबूत खुफिया तंत्र पर जोर
सीआरपीएफ डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मजबूत खुफिया तंत्र बेहद जरूरी है।
ग्रामीणों से संवाद बढ़ाने की रणनीति
समीक्षा बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती, ग्रामीणों के साथ संवाद बढ़ाने और नक्सलियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को सख्ती से लागू करने पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नक्सलियों की आपूर्ति व्यवस्था और सहयोगी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए ठोस कार्रवाई की जाए। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने और नक्सलियों को अलग-थलग करने की रणनीति पर भी जोर दिया गया।
बड़े अभियान की तैयारी के संकेत
वर्तमान में कोल्हान और सारंडा वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में सीआरपीएफ डीजी का यह दौरा आने वाले दिनों में नक्सलियों के खिलाफ बड़े अभियान की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि पिछले 40 दिनों के भीतर यह उनका दूसरा चाईबासा दौरा है। इससे पहले वह 19 जनवरी को भी यहां पहुंचे थे। कम समय में दोबारा दौरा इस बात का संकेत माना जा रहा है कि सारंडा–कोल्हान क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान को निर्णायक चरण में ले जाने की तैयारी चल रही है।

