कम पानी पीना किडनी के लिए बन सकता है जानलेवा, सर्दियों में बढ़ता खतरा

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now New Delhi : सर्दियों के मौसम में अक्सर लोगों को प्यास कम लगती है, जिसके चलते वे पानी पीने में लापरवाही बरतते हैं। हालांकि, यही आदत किडनी के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। चिकित्सकों

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New Delhi : सर्दियों के मौसम में अक्सर लोगों को प्यास कम लगती है, जिसके चलते वे पानी पीने में लापरवाही बरतते हैं। हालांकि, यही आदत किडनी के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। चिकित्सकों का कहना है कि पानी न केवल शरीर को हाइड्रेट रखता है, बल्कि यह खून से विषैले तत्वों और गंदगी को यूरिन के जरिए बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जब शरीर में पर्याप्त पानी होता है तो किडनी को खून की आपूर्ति बेहतर रहती है और वह फिल्टरिंग का काम सुचारू रूप से कर पाती है। लेकिन डिहाइड्रेशन की स्थिति में ब्लड फ्लो कम हो जाता है, जिससे किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और उसका कार्य प्रभावित होने लगता है।

पानी की कमी का पहला असर यूरिन पर दिखाई देता है। यूरिन गाढ़ा, पीले रंग का और कम मात्रा में बनने लगता है। ऐसी स्थिति में यूरिन में मौजूद मिनरल्स और नमक क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं, जो धीरे-धीरे किडनी स्टोन में बदल सकते हैं। किडनी स्टोन का दर्द असहनीय हो सकता है और कई मामलों में सर्जरी तक की जरूरत पड़ जाती है।

डॉक्टर बताते हैं कि कम पानी पीने से शरीर बैक्टीरिया को बाहर नहीं निकाल पाता, जिससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) का खतरा बढ़ जाता है। यदि यह संक्रमण समय रहते नियंत्रित न हो, तो यह किडनी तक पहुंचकर उसकी कार्यक्षमता को नुकसान पहुंचा सकता है।

गंभीर डिहाइड्रेशन की स्थिति में एक्यूट किडनी इंजरी या अचानक किडनी फेलियर का जोखिम भी बढ़ जाता है। बार-बार पानी की कमी होने से किडनी पर लगातार दबाव पड़ता है, जो आगे चलकर क्रॉनिक किडनी डिजीज का कारण बन सकता है। इस स्थिति में मरीज को डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए। सर्दियों में भी नियमित अंतराल पर पानी पीना जरूरी है, भले ही प्यास न लगे। गाढ़ा पेशाब, कम बार यूरिन आना, थकान, चक्कर, सिरदर्द, सूखे होंठ और त्वचा जैसे लक्षण डिहाइड्रेशन के संकेत हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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