मुकेश रंजन
Ranchi : राजधानी रांची के सुकुरहुटू स्थित फुटबॉल मैदान में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के पाँचवें दिन भक्ति, आस्था और समर्पण का ऐसा अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी को भावविभोर कर दिया। श्री शिवाला सेवा समिति के तत्वावधान में पूज्य पंडित प्रदीप मिश्रा जी के मुखारविंद से प्रवाहित दिव्य कथा के दौरान तेज बारिश और आंधी भी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को डिगा नहीं सकी। विपरीत मौसम के बावजूद लाखों श्रद्धालु पूरे धैर्य और श्रद्धा के साथ कथा स्थल पर डटे रहे और “हर हर महादेव” के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय बना रहा।
कथा के दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ देर के लिए पंडाल और आसपास अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनी, लेकिन श्रद्धालुओं की शिवभक्ति इतनी प्रबल थी कि किसी ने भी कथा स्थल छोड़ना उचित नहीं समझा। श्रद्धालु अपने स्थान पर बैठे रहे और पूज्य बाबा के श्रीमुख से निकल रहे अमृतमय वचनों को श्रद्धा से सुनते रहे। कथा स्थल पर उपस्थित लोगों का कहना था कि यह केवल कथा नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास और समर्पण का जीवंत उदाहरण था।
स्थिति को देखते हुए पूज्य पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज मौसम के कारण कथा में जो व्यवधान उत्पन्न हुआ है, उसकी भरपाई अगले दिन की जाएगी। बाबा के इस आश्वासन के बाद ही श्रद्धालु शांतिपूर्वक और व्यवस्थित तरीके से पंडाल से बाहर निकले। बाबा की वाणी और श्रद्धालुओं की अनुशासनप्रियता ने पूरे आयोजन को और भी दिव्य बना दिया।
आज की कथा में पूज्य बाबा ने भगवान पशुपतिनाथ की महिमा का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव पशुपतिनाथ स्वरूप में संपूर्ण सृष्टि और सभी जीवों के रक्षक हैं। जो भक्त सच्चे मन और पूर्ण श्रद्धा से भगवान शिव की आराधना करता है, उसके जीवन के सभी दुख और संकट स्वतः समाप्त होने लगते हैं। बाबा ने श्रद्धालुओं को प्रतिदिन शिव मंदिर जाने, शिवलिंग पर जल अर्पित करने तथा नियमित रूप से भजन-कीर्तन करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिवभक्ति मनुष्य के जीवन में शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करती है।
पूरे कथा स्थल पर दिनभर भक्ति का अनुपम वातावरण बना रहा। श्रद्धालु भजन-कीर्तन में पूरी तरह लीन दिखाई दिए और “बोल बम”, “हर हर महादेव” तथा “जय शिव शंकर” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। कथा स्थल की आध्यात्मिक ऊर्जा ने हर श्रद्धालु को भावविभोर कर दिया।
आज के मुख्य यजमान विवेक कुमार एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती विनीता कुमारी रहे। कथा में रांची सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिवभक्त शामिल हुए। आयोजन समिति के अनुसार पाँचवें दिन तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई, जो इस आयोजन को ऐतिहासिक बना रही है।
श्री शिवाला सेवा समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, पार्किंग एवं अन्य व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए थे। समिति के स्वयंसेवक लगातार सेवा कार्यों में जुटे रहे, वहीं प्रशासन ने भी व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रांची की पावन धरती पर आयोजित यह दिव्य शिव महापुराण कथा अब श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का विराट केंद्र बन चुकी है।



