मुकेश रंजन
Ranchi : आगामी 24 मई 2026 को नई दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित होने वाले जनजातीय सांस्कृतिक समागम सह गर्जना महा रैली को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इसी कड़ी में शनिवार को धुर्वा स्थित सेक्टर-3 एन टाइप धूमकुड़िया भवन परिसर में विभिन्न सामाजिक संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मेघा उरांव ने की, जिसमें बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनजातीय समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में आंदोलन की रूपरेखा और कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अध्यक्षता कर रहे मेघा उरांव ने कहा कि “दिल्ली चलो” अभियान को सफल बनाने के लिए प्रत्येक प्रखंड स्तर पर बाइक रैली, दीवार लेखन और मौजा स्तर पर देव पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में 16 मई 2026 को रांची के बिरसा चौक से भव्य बाइक रैली निकाली जाएगी, जो मोराबादी स्थित बापू वाटिका में जाकर समाप्त होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और जनजातीय समाज के लोग शामिल होंगे।
उन्होंने आगे कहा कि जनजातीय समाज की एकता, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के उद्देश्य से 19, 20 और 21 मई को गांव, मौजा और प्रखंड स्तर पर सामूहिक देव पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय संयोजक संदीप उरांव ने कहा कि जनजातीय समाज अपने हक, अधिकार, अस्तित्व, अस्मिता और धर्म की रक्षा के लिए एकजुट हो रहा है। उन्होंने बताया कि रांची से दिल्ली जाने के लिए दो ट्रेनों को रिजर्व कराया गया है, जबकि देश के विभिन्न राज्यों से भी विशेष ट्रेनें बुक की जा रही हैं। अब तक पूरे देशभर से करीब 75 हजार लोगों के दिल्ली पहुंचने का टिकट बुक हो चुका है। इसके अलावा हजारों लोग निजी वाहन, बस एवं अन्य साधनों से भी दिल्ली पहुंचेंगे।
बैठक में अंजलि लकड़ा, पिंकी खोया, केंद्रीय सरना समिति के बबलू मुंडा, महासचिव अशोक मुंडा, सोमा उरांव, डॉ. बिरसा उरांव, जय मंत्री उरांव, शनि उरांव, साजन मुंडा, विकास उरांव, रिंकू महली, राजन, पूजा महली, विश्वकर्मा पहान, राजू उरांव, बबलू उरांव, कामेश्वर, दीनबंधु, संदीप, डोली, रवि महली समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
बैठक के दौरान जनजातीय समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा को लेकर जोरदार संकल्प लिया गया। आयोजकों का दावा है कि दिल्ली में होने वाली यह महा रैली जनजातीय समाज की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का कार्य करेगी।



