Ranchi : नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में गुरुवार को राज्य स्तरीय पुरुष नसबंदी अभियान सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने किया।
मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का नहीं, बल्कि स्वस्थ परिवार और सुरक्षित मातृत्व की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता पुरुषों की समान भागीदारी से ही संभव है।
डॉ. अंसारी ने कहा —
“परिवार नियोजन की जिम्मेदारी केवल महिलाओं की नहीं होनी चाहिए। अब समय है कि पुरुष भी इस जिम्मेदारी को समान रूप से निभाएं। नसबंदी एक सुरक्षित, सरल और प्रभावी उपाय है, और समाज में फैली गलतफहमियों को दूर करना हम सबकी जिम्मेदारी है।”
उन्होंने बताया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के लिए 8500 हेल्थ टेक्निकल और नॉन-टेक्निकल स्वास्थ्यकर्मियों की बहाली की जाएगी।
डाक विभाग और एनएचएम के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर
कार्यक्रम के दौरान भारतीय डाक विभाग (झारखंड परिमंडल) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के बीच परिवार नियोजन सामग्रियों के परिवहन एवं वितरण के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते के तहत डाक विभाग अपने इंडिया पोस्ट पार्सल नेटवर्क के माध्यम से राज्यभर के स्वास्थ्य केंद्रों तक सामग्रियों की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। यह पहल “स्वस्थ झारखंड, सुखी झारखंड” के लक्ष्य को सशक्त बनाएगी।
परिवार नियोजन सामाजिक-आर्थिक प्रगति का आधार: अजय कुमार सिंह
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि परिवार नियोजन केवल स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक प्रगति का आधार है। उन्होंने सर्जन, एएनएम, जीएनएम और सीएचओ के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से झारखंड पुरुष सहभागिता आधारित परिवार नियोजन में आदर्श राज्य बनेगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. पुष्पा समेत कई अधिकारियों ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
कार्यक्रम के दौरान राज्यभर के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों और संस्थानों को सम्मानित किया गया।

