मुकेश रंजन
Ranchi: तंजानिया के खनिज मंत्रालय (Ministry of Minerals) के 27 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कोल मैनेजमेंट (आईआईसीएम) में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत ‘उन्नत कृषि’ परियोजना का एक्सपोजर विजिट किया। प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना के माध्यम से तकनीक आधारित खेती और किसानों को मिल रहे लाभों की जानकारी ली।
परियोजना टीम ने प्रतिनिधिमंडल को इसके उद्देश्य, प्रमुख घटकों और किसानों को होने वाले लाभों से अवगत कराया। इस दौरान आईसीटी एवं आईओटी आधारित आधुनिक कृषि तकनीकों से डेटा आधारित खेती की प्रक्रिया समझाई गई। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को स्वचालित सिंचाई प्रणाली और कृषि ड्रोन तकनीक का लाइव प्रदर्शन भी दिखाया गया।
तकनीक से खेती को स्मार्ट बनाने पर जोर
प्रतिनिधिमंडल ने आधुनिक तकनीकों के जरिए कृषि उत्पादकता बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और किसानों को मिलने वाले लाभों में विशेष रुचि दिखाई। सदस्यों ने परियोजना टीम और किसानों के साथ संवाद कर तकनीक के इस्तेमाल, खेती की प्रक्रिया और इसके परिणामों से जुड़े कई सवाल पूछे।
प्रतिनिधिमंडल ने तंजानिया में भी इस प्रकार की आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने में रुचि व्यक्त की। परियोजना टीम के अनुसार, यह दौरा कृषि क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान और अनुभव साझा करने के साथ भविष्य में संभावित सहयोग की दिशा में भी महत्वपूर्ण रहा।
मौके पर सीसीएल सीएसआर परियोजना प्रबंधक जॉन बोदरा, निधि समृद्धि फाउंडेशन की एग्रोनॉमिस्ट चंचल कच्छप, स्मार्ट फार्मर सुखदेव उरांव, घुमेश्वर उरांव, राजेश उरांव, सोमरा उरांव, सीमा देवी, उषा देवी और मुन्नी गाड़ी सहित अन्य किसान एवं परियोजना टीम के सदस्य मौजूद रहे।
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