रांची: झारखंड हाईकोर्ट में JPSC और JSSC-CGL समेत कई भर्ती परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सुनवाई के बाद सरकार की अधिसूचना पर लगी रोक को अगले आदेश तक बरकरार रखा है। इन मामलों में JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, JSSC-CGL 2023, CDPO और फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती शामिल हैं।
प्राकृतिक न्याय के पालन पर कोर्ट का जोर
सुनवाई के दौरान अदालत ने नियुक्त अभ्यर्थियों के मामले में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन किए जाने की बात कही। कोर्ट ने पहले भी JSSC-CGL के तहत नियुक्त कर्मियों को हटाने संबंधी सरकारी आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाई थी और प्रभावित कर्मचारियों को फिलहाल काम जारी रखने का निर्देश दिया था। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल एक अधिसूचना के आधार पर नियुक्त कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने का मामला प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप होना चाहिए। इसी मामले में फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती रद्द करने की अधिसूचना पर भी रोक लगाई जा चुकी है।
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SIT जांच के लिए नोडल अधिकारी
मामले से जुड़ी जांच की निगरानी के लिए कोर्ट ने नोडल अधिकारी की नियुक्ति की है। वहीं, नियुक्त अभ्यर्थियों की समस्याओं और शिकायतों की निगरानी की जिम्मेदारी सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति गौतम कुमार चौधरी को दी गई है। कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, जांच के दौरान किसी अभ्यर्थी को परेशानी होने पर वह अपनी शिकायत उनके समक्ष रख सकता है।
सरकार ने दाखिल किया जवाब
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाबी शपथ पत्र दाखिल किया गया। इसके जवाब के लिए प्रार्थियों के अधिवक्ताओं ने समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इससे पहले अदालत सरकार से यह स्पष्ट करने को कह चुकी है कि जांच में सामने आए किन तथ्यों के आधार पर इतनी बड़ी संख्या में भर्ती विज्ञापनों को रद्द करने का निर्णय लिया गया।
18 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर 2026 को होनी है। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के कारण संबंधित भर्ती विज्ञापनों को रद्द करने वाली सरकारी अधिसूचना फिलहाल प्रभावी नहीं हो सकेगी। मामले में आगे की स्थिति अगली सुनवाई और अदालत के आदेश पर निर्भर करेगी।



