बेरूत (लेबनान): इजराइल ने बुधवार को लेबनान की राजधानी बेरूत में हिज्बुल्लाह के सबसे सुरक्षित इलाकों में से एक माने जाने वाले दक्षिणी हारेट हरेक में बड़ा हवाई हमला किया। इस कार्रवाई में आतंकवादी संगठन हिज्बुल्लाह को भारी नुकसान पहुंचा है। इजराइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बताया कि हमले में संगठन के पांच टॉप आतंकी मारे गए, जिनमें उसकी सैन्य शाखा का प्रमुख और कुख्यात कमांडर हेथम अली तबताबाई भी शामिल है।
हिज्बुल्लाह प्रवक्ता ने भी तबताबाई व चार अन्य आतंकियों—इब्राहिम अली हुसैन, रिफ़ात अहमद हुसैन, मुस्तफ़ा असद बरौ और कासिम हुसैन बरजावी—के मारे जाने की पुष्टि की है।
जुलाई के बाद बेरूत में पहला एयरस्ट्राइक
द टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के अनुसार, यह जुलाई के बाद बेरूत में किया गया पहला इजराइली हमला है। तबताबाई को संगठन का दूसरा सबसे शक्तिशाली नेता माना जाता था, जो महासचिव नईम कासिम के बाद नंबर दो पर था। हिज्बुल्लाह ने बयान जारी कर उसे “महान जिहादी कमांडर” बताया।
28 लोग घायल, तबताबाई का लंबा आतंकी इतिहास
लेबनान स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, हमले में 28 लोग घायल हुए हैं।
IDF के अनुसार, तबताबाई 1980 के दशक में हिज्बुल्लाह में शामिल हुआ था। वह कई वर्षों तक संगठन की सैन्य मशीनरी में अहम पदों पर रहा—
-
एलीट राडवान फोर्स का कमांडर
-
सीरिया में हिज्बुल्लाह ऑपरेशन का प्रमुख
-
और 2024 में शीर्ष कमांडरों के मारे जाने के बाद इजराइल के खिलाफ जमीनी मोर्चे का नेतृत्व
युद्धविराम समझौते के एक वर्ष बाद हमला
यह हमला ठीक एक साल बाद हुआ है जब 27 नवंबर 2024 को अमेरिका की मध्यस्थता से लेबनान में युद्धविराम लागू हुआ था।
इजराइल ने लेबनान सरकार पर आरोप लगाया कि वह हिज्बुल्लाह को समझौते का उल्लंघन करने से रोकने में नाकाम रही। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि तबताबाई के हाथ “इजराइलियों और अमेरिकियों के खून से सने हैं” और वह हिज्बुल्लाह को दोबारा मजबूत नहीं होने देगा।
लेबनान ने UN से दखल की मांग की
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे देश पर हो रहे इजराइली हमलों को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करें।
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने इजराइल चैनल 12 को बताया कि अमेरिका इस ऑपरेशन से संतुष्ट है। वहीं, हिज्बुल्लाह के अनुसार, तबताबाई का जन्म 1968 में बेरूत में हुआ था और वह बचपन से ही समूह की विचारधारा के करीब था।
इस हमले को मध्य पूर्व में तनाव को फिर से भड़काने वाली एक अहम घटना माना जा रहा है।

