Ranchi : झारखंड को औद्योगिक रूप से मजबूत बनाने और मानव संसाधन को सशक्त करने की दिशा में जिंदल फाउंडेशन ने राज्य सरकार के साथ शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में व्यापक साझेदारी का प्रस्ताव रखा है।
मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, लंदन दौरे पर गए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व वाले उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के समक्ष जिंदल फाउंडेशन ने अपनी अभिरुचि की अभिव्यक्ति (Expression of Interest) प्रस्तुत की।
इस प्रस्ताव के तहत जिंदल फाउंडेशन और झारखंड सरकार मिलकर शिक्षा, शोध, कौशल विकास और प्रशासनिक क्षमता निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य करेंगे।
📌 साझेदारी के प्रमुख क्षेत्र
🔹 सार्वजनिक नीति और जलवायु परिवर्तन पर शोध
पूर्वी भारत की सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक नीति, कानून और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर अकादमिक सहयोग किया जाएगा। इससे क्षेत्रीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा से जोड़ा जाएगा।
🔹 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना
आईआईटी-आईएसएम धनबाद, बीआईटी सिंदरी सहित अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से एक अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र स्टील सेक्टर, खनिज प्रसंस्करण और क्रिटिकल मिनरल्स पर शोध व नवाचार को बढ़ावा देगा।
🔹 वंचित छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना
राज्य सरकार और जिंदल फाउंडेशन 50:50 लागत साझाकरण के आधार पर संयुक्त छात्रवृत्ति कार्यक्रम शुरू करेंगे। इसके अंतर्गत वंचित वर्गों और छात्राओं को कानून, सार्वजनिक नीति, प्रबंधन एवं खेल शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।
🔹 प्रशासनिक अधिकारियों का क्षमता निर्माण
जेपीएससी से चयनित लगभग 30 प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के लिए वर्ष में दो बार विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिससे शासन व्यवस्था और सेवा वितरण को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाया जा सके।
जिंदल फाउंडेशन ने कहा कि रामगढ़ और पतरातू क्षेत्र तेजी से स्टील हब के रूप में उभर रहे हैं, जिससे कुशल मानव संसाधन की मांग बढ़ रही है। फाउंडेशन इस आवश्यकता को पूरा करने और झारखंड के मानव विकास सूचकांक (HDI) में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।

