धनबाद: कोयलांचल धनबाद में भू-धंसान की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बाघमारा और कतरास के कोयला क्षेत्रों में लगातार जमीन धंसने और गोफ बनने की घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को मधुबन थाना क्षेत्र स्थित महेशपुर कोलियरी के ओबी (ओवरबर्डन) क्षेत्र में अचानक जमीन धंसने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि करीब 30 फीट जमीन नीचे धंस गई, जिसके साथ ऊपर जमा ओबी का भारी मलबा भी गहरे गड्ढे में समा गया।
घटना के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि भू-धंसान के समय मौके पर कोई मजदूर या वाहन मौजूद नहीं था। इस वजह से बड़ा हादसा होने से टल गया।
महेशपुर कोलियरी में अचानक धंसी जमीन
जानकारी के अनुसार, महेशपुर कोलियरी के ओबी बर्डन क्षेत्र में सोमवार को अचानक जमीन के एक हिस्से में तेज हलचल हुई और देखते ही देखते बड़ा हिस्सा नीचे की ओर धंस गया। जमीन धंसने से वहां जमा ओवरबर्डन का मलबा भी गोफ में चला गया। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में इसकी चर्चा फैल गई। स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर चिंता है कि यदि भू-धंसान की ऐसी घटना आबादी वाले इलाके या काम कर रहे मजदूरों के बीच होती, तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी।
बाघमारा-कतरास में लगातार बढ़ रहा भू-धंसान का खतरा
धनबाद के बाघमारा और कतरास इलाके में भू-धंसान कोई नई समस्या नहीं है। कोयला खनन वाले क्षेत्रों में समय-समय पर जमीन धंसने और गोफ बनने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इन घटनाओं के कारण खदानों के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ क्षेत्रों में अवैध खनन और भूमिगत खदानों में पर्याप्त तरीके से भराई नहीं होने के कारण जमीन के भीतर खोखलापन बना रहता है। यही स्थिति बाद में जमीन धंसने का कारण बन सकती है। हालांकि, किसी घटना के वास्तविक कारण की पुष्टि संबंधित विभाग या कोलियरी प्रबंधन की जांच के बाद ही हो सकेगी।
स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की
महेशपुर कोलियरी में जमीन धंसने की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रभावित क्षेत्र को तत्काल सुरक्षित करने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे स्थानों पर बेरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोकना जरूरी है, ताकि कोई व्यक्ति अनजाने में गोफ के आसपास न पहुंच जाए।
बड़ा हादसा टला, लेकिन खतरा बरकरार
महेशपुर कोलियरी में सोमवार को हुई भू-धंसान की घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। लेकिन करीब 30 फीट जमीन धंसने की घटना ने एक बार फिर धनबाद के कोयला क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को केवल हादसा मानकर छोड़ने के बजाय इसके पीछे के कारणों की गंभीरता से जांच जरूरी है। खासकर आबादी और खदान क्षेत्रों के आसपास जमीन की नियमित निगरानी और संवेदनशील स्थानों को सुरक्षित करना बेहद महत्वपूर्ण है।



