Ranchi : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा हाल ही में सहायक लोक अभियोजन पदों के लिए जारी किए गए विज्ञापन संख्या 06/2025 और 05/2025 में आयु गणना की आधार तिथि 01.08.2024 निर्धारित की गई है, जिसे लेकर राज्यभर में विरोध की आवाज़ें तेज़ हो गई हैं। इसको लेकर झारखंड अधिवक्ता मंच के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. रवींद्र कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।

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मूल विवाद क्या है?
दरअसल, वर्ष 2018 में भी JPSC ने इन्हीं पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिसमें आधार वर्ष 2017 रखा गया था। लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया समय पर नहीं हो सकी और बीच में कोरोना महामारी के कारण पूरी प्रक्रिया स्थगित हो गई। इसके चलते हजारों अभ्यर्थी अब अधिकतम आयु सीमा पार कर चुके हैं।
न्याय की मांग कर रहे अभ्यर्थी
झारखंड अधिवक्ता मंच ने अपने ज्ञापन में बताया कि लंबे समय तक प्रक्रिया लटकी रहने और कोविड जैसी आपदा के चलते कई अभ्यर्थी अब नई विज्ञप्ति की शर्तों के अनुसार पात्र नहीं रह गए हैं। यदि 01.08.2024 को ही आधार माना गया तो हजारों ऐसे योग्य युवाओं को अवसर नहीं मिलेगा, जो पहले पात्र थे। यह युवाओं के साथ अन्याय और उनके अधिकारों का हनन है।
क्या है मंच की मांग?
झारखंड अधिवक्ता मंच ने मांग की है कि इन पदों के लिए आयु सीमा की गणना 01.08.2019 को आधार मानकर की जाए। इससे उन उम्मीदवारों को राहत मिलेगी, जो पहले के विज्ञापन के अनुसार पात्र थे लेकिन देरी और महामारी के कारण अब बाहर हो रहे हैं।
संवेदनशीलता से निर्णय की अपील
मंच के अध्यक्ष डॉ. रवींद्र कुमार ने कहा कि यह सिर्फ तकनीकी मामला नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह इस मामले में संवेदनशीलता दिखाए और न्यायसंगत निर्णय लेते हुए पूर्ववत आधार वर्ष 2019 मानकर योग्य अभ्यर्थियों को राहत प्रदान करे।



