इन स्कूलों में 2023 से लागू हो जाएगा राष्ट्रीय शिक्षा नीति

बेगूसराय। डीएवी स्कूलों में अगले शैक्षणिक सत्र से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू कराने की तैयारी शुरू हो गई है, ताकि भारत एक बार फिर ज्ञान की महाशक्ति बन सके। इसके मद्देनजर सेन्ट्रल एक्सीलेंस एकेडमी (डीएवी सी.एम.सी.) नई दिल्ली से प्रशिक्षित प्रशिक्षकों द्वारा बरौनी

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बेगूसराय। डीएवी स्कूलों में अगले शैक्षणिक सत्र से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू कराने की तैयारी शुरू हो गई है, ताकि भारत एक बार फिर ज्ञान की महाशक्ति बन सके।

इसके मद्देनजर सेन्ट्रल एक्सीलेंस एकेडमी (डीएवी सी.एम.सी.) नई दिल्ली से प्रशिक्षित प्रशिक्षकों द्वारा बरौनी डीएवी में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का समापन रविवार को हो गया। कार्यशाला के समापन सत्र में बिहार जोन-डी के सहायक क्षेत्रीय निदेशक कमल किशोर सिन्हा, ईटवा डीएवी के प्राचार्य सबिता एवं डीएवी एनएच-28 बरौनी के प्राचार्य अभिजीत चट्टोपाध्याय ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर विस्तार से चर्चा की।

ईटवा डीएवी के प्राचार्य सबिता ने कहा कि परिवेश ऐसा बदल गया है कि बच्चे धूप में खेल नहीं पा रहे हैं। पाठ्यक्रम को खेल के माध्यम से जोड़कर फिटनेस दुरुस्त करने के साथ-साथ खेल के माध्यम से शिक्षा देना जरूरी है। जिससे बच्चे दक्षता प्राप्त कर सकें, फाउंडेशन के लिए तैयार हों सकें, ताकि देश हमारा मजबूत बने। अच्छे राष्ट्र की कल्पना करनी है और विकसित राष्ट्र की कल्पना बच्चों से ही पूरी होने की उम्मीद की जा सकती है। इसकी शुरुआत विद्यालय से होगी, विद्यालय में प्रथम पांच वर्ष बहुत महत्वपूर्ण होता है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का कहना है कि लोकल भाषा में पढ़ें, प्रयास रहे कि अभिभावक और समाज के अनुरूप बच्चे को तैयार करें। बच्चों को सिर्फ एक से सौ तक गिनती ही नहीं सिखाना है, बल्कि इसका मतलब भी समझाना है। किसी वस्तु के संबंध में सिर्फ नाम नहीं बताना, बल्कि उसका मतलब और उद्देश्य समझाना है। बच्चों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है। वाटर अध्याय सिर्फ पढ़ने से ही नहीं होगा, बल्कि पढ़ाने के साथ समझाना है कि पानी आता कहां से है, इसका सदुपयोग और संरक्षण कैसे हो, समाज और पर्यावरण को समझाना है।

उन्होंने कहा कि आज बच्चों में नैतिकता की कमी आ रही है, राष्ट्रीय शिक्षा नीति में नैतिक मूल्यों को भी समझाने के लिए प्रेरित करते हुए हॉलिस्टिक डेवलपमेंट की ओर ले जाना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत जो एजुकेशन सिस्टम आ रहा है वह पांच प्लस, तीन प्लस, तीन प्लस चार का है। दो दिन के प्रशिक्षण कार्यशाला में पांच वर्ष, नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी, प्रथम एवं द्वितीय वर्ग फंडामेंटल में खेल से शिक्षा देने के प्रति फोकस किया गया है। डीएवी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए लगातार दक्षता की ओर काम कर रही है।

बातचीत और कंप्यूटर के साथ-साथ अपने विषयों में दक्ष भागलपुर एवं बेगूसराय जोन के 16 विद्यालय के शिक्षकों को दिल्ली मुख्यालय से प्रशिक्षित प्रशिक्षकों ने बेहतरीन जानकारी दी है। उन्हें बताया गया है कि यही से बच्चों की नींव मजबूत करना है। मुख्य बिंदु राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को डीएवी में 2023 से लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण में फंडामेंटल ऑफ लिटरेसी एक्यूरेसी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है।

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