Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची में चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। पारस एचईसी अस्पताल ने राज्य की पहली ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) से निर्देशित टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर झारखंड में उन्नत तकनीकी चिकित्सा का नया अध्याय शुरू किया है।
यह अत्याधुनिक सर्जरी एक 60 वर्षीय महिला मरीज पर की गई, जिसका संचालन अस्पताल के वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन और जॉइंट रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ डॉ. विवेक कुमार डेविड ने किया। इस प्रक्रिया में ऑगमेंटेड रियलिटी तकनीक का उपयोग करते हुए सर्जरी के दौरान मरीज के शरीर पर डिजिटल जानकारी को रियल टाइम में प्रदर्शित किया गया, जिससे सर्जन को हड्डियों की संरचना और इम्प्लांट की सटीक पोजिशन जानने में आसानी हुई।
डॉ. विवेक ने बताया कि AR तकनीक से सर्जरी की सटीकता बहुत बढ़ जाती है और इससे मरीज को जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा, “यह तकनीक नी रिप्लेसमेंट को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी बनाती है। हम गर्व महसूस करते हैं कि रांची में इस क्रांतिकारी तकनीक की शुरुआत हमने की है।”
ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत पूरी तरह से स्थिर है और वे तेजी से रिकवरी कर रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, पारंपरिक नी रिप्लेसमेंट की तुलना में इस तकनीक से मरीज को कम दर्द होता है, कम समय में चलने में आसानी होती है और अस्पताल में रुकने की अवधि भी घट जाती है।
पारस अस्पताल के मार्केटिंग प्रमुख मानस लाभ ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “यह न सिर्फ हमारे अस्पताल के लिए, बल्कि पूरे राज्य के लिए गौरव का क्षण है। हम हमेशा कोशिश करेंगे कि झारखंड को विश्वस्तरीय हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराएं।”
इस सफलता के साथ ही रांची ने मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक मजबूत कदम आगे बढ़ाया है, जो आने वाले समय में झारखंड को टेक्नोलॉजी-संचालित चिकित्सा प्रक्रियाओं की अग्रिम पंक्ति में ले जाएगा।

