Ranchi : प्रभात तारा जगन्नाथ मैदान, धुर्वा में 1 से 3 मई 2025 तक क्रिश्चियन यूथ एसोसिएशन झारखंड द्वारा आयोजित झारखंड प्रार्थना महोत्सव पर अब विवाद खड़ा हो गया है। इस आयोजन को लेकर झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति के अध्यक्ष मेघा उरांव ने तीखा विरोध जताया है।
Also Read : कांके थाना को मिला नया नेतृत्व, थाना प्रभारी प्रकाश रजक ने संभाली कमान
मेघा उरांव ने कहा कि कभी चंगाई सभा तो कभी झारखंड प्रार्थना महोत्सव—नाम बदल-बदल कर भोले-भाले लोगों को गुमराह करने और धर्मांतरण कराने का यह सिलसिला कोई नया नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के आयोजनों में मंच से प्रचारक यह दावा करते हैं कि अंधा देख सकता है, बहरा सुन सकता है, लंगड़ा चल सकता है और यहां तक कि मुर्दे भी उठते हैं ।
श्री उरांव ने इन दावों को अंधविश्वास, पाखंड और जनता को ठगने का माध्यम बताया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, अगर सचमुच मुर्दे जीवित हो जाते हैं, तो फिर झारखंड के सारे अस्पतालों को बंद कर देना चाहिए।
विरोध के प्रमुख बिंदु:
- प्रचारकों के असाधारण चंगाई दावों पर सवाल
- आयोजन के पीछे धर्मांतरण की कथित मंशा
- अंधविश्वास फैलाकर आदिवासी समाज को तोड़ने का प्रयास
- सरना धर्म और परंपराओं पर सांस्कृतिक हमला करार
मेघा उरांव ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि ऐसे आयोजनों की पृष्ठभूमि और उद्देश्यों की जांच कराई जाए और अगर धर्मांतरण की मंशा पाई जाती है तो कानूनी कार्रवाई की जाए।

