Sultanpur : गृह मंत्री अमित शाह पर कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को सुलतानपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट में पेश हुए। अदालत में उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि यह मामला राजनीतिक दुर्भावना के तहत दर्ज कराया गया है और इसका कोई ठोस आधार नहीं है।
राहुल गांधी करीब 20 मिनट तक कोर्ट में मौजूद रहे। इस दौरान दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 313 के तहत उनका बयान दर्ज किया गया। उनके अधिवक्ता काशी शुक्ला ने बताया कि न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च 2026 तय की है, जिस दिन शिकायतकर्ता और बचाव पक्ष अपने-अपने साक्ष्य व दलीलें पेश करेंगे।
कोर्ट में मौजूद वकीलों के मुताबिक, राहुल गांधी ने अदालत पहुंचते ही न्यायाधीश को हाथ जोड़कर प्रणाम किया और सुनवाई पूरी होने के बाद धन्यवाद भी दिया। पेशी के दौरान कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
इससे पहले सुबह जब राहुल गांधी कोर्ट पहुंचे, तो कार्यकर्ताओं ने ‘राहुल जिंदाबाद’ के नारे लगाए। कुछ समर्थकों ने माला पहनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने विनम्रता से मना करते हुए सीधे अदालत कक्ष की ओर रुख किया। मीडिया से बातचीत की कोशिशों पर उन्होंने कोई बयान नहीं दिया।
राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहित कई प्रदेश स्तरीय नेता भी सुलतानपुर पहुंचे थे, हालांकि पुलिस ने अधिकांश नेताओं को कोर्ट परिसर के बाहर ही रोक दिया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया था।
आगे क्या?
अब सभी पक्षों की नजरें 9 मार्च की सुनवाई पर टिकी हैं।
पेशी के बाद कार्यक्रम
पेशी के बाद राहुल गांधी रामचेत मोची की दुकान के लिए रवाना हुए, जहां वे उनके परिजनों से मुलाकात करेंगे। उल्लेखनीय है कि तीन महीने पहले कैंसर से रामचेत का निधन हो गया था। करीब एक वर्ष पहले राहुल गांधी उनकी दुकान पर बैठकर जूते सिले थे और बाद में उन्हें सिलाई मशीन भी भेंट की थी।

