Ranchi : राजधानी रांची में रिम्स-2 अस्पताल के निर्माण को लेकर जारी भूमि विवाद ने शनिवार को एक अभूतपूर्व मोड़ ले लिया। प्रशासनिक दबाव और पुलिस की मौजूदगी से आक्रोशित किसानों ने ऐसा विरोध प्रदर्शन किया, जो शायद ही पहले देखा गया हो। उन्होंने सड़क को ही खेत में बदल दिया और प्रतीकात्मक रूप से बीज बोकर हल चलाया।
Also Read : ओरमांझी टोल प्लाजा पर फास्टैग घोटाला, ब्लैकलिस्ट का झांसा देकर यात्रियों से वसूले जा रहे दोगुने पैसे
यह घटना उस समय हुई जब पुलिस की टीम रिम्स-2 के निर्माण कार्य की निगरानी के लिए भूमि पर पहुंची। लेकिन जमीन पर किसानों की भावनाएं इतनी जुड़ी हुई थीं कि वे उग्र हो गए। उन्होंने हाथों में हल, फावड़ा उठाकर सड़क पर पूजा-अर्चना की और फिर बीज बोना शुरू कर दिया। यह दृश्य देखकर राहगीर से लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तक हैरान रह गए।
किसानों का कहना है कि उनकी उपजाऊ कृषि भूमि को बिना उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास के अधिग्रहित किया जा रहा है। “अगर सरकार हमारी जमीन ले रही है, तो हम सड़क को ही खेत बना देंगे,” एक किसान ने कहा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पूर्व जानकारी या सहमति के बिना ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रदर्शनकारी किसानों ने स्पष्ट किया कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उसे न्याय और सम्मान के साथ होना चाहिए।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और किसानों से संवाद का भरोसा दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी मुआवजा तय होने और जमीन वापसी की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा।
यह अनोखा विरोध केवल जमीन का मामला नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, परंपरा और अधिकार की लड़ाई है। किसानों का यह संदेश स्पष्ट है – “हमारी जमीन हमारी जान है, अगर छीना गया तो हर सड़क पर हल चलेगा।”

