बक्सर: बिहार के बक्सर जिले में नावानगर थाना क्षेत्र के छवड़ुआ मोड़ के पास ट्रक चालक से हुई लूट का पुलिस ने महज चार घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से लूट की घटना में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद घटना में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल बाकी लोगों को भी जल्द गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
चार मोटरसाइकिल सवारों ने ट्रक चालक को बनाया था निशाना
पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर को सूचना मिली थी कि छवड़ुआ मोड़ के पास चार अज्ञात मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने एक ट्रक चालक को रोककर उसके पास मौजूद नकदी और मोबाइल फोन लूट लिए। घटना की सूचना मिलते ही बक्सर पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर डुमरांव के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई।
तकनीकी जांच के आधार पर आरोपितों तक पहुंची पुलिस
विशेष टीम ने सबसे पहले घटना से जुड़ी सूचना का सत्यापन किया। इसके बाद तकनीकी अनुसंधान और स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर एक के बाद एक छापेमारी की। इसी दौरान तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मुकुेश कुमार, कृष्ण कुमार और अभिषेक कुमार के रूप में हुई है।
दो बाइक और तीन मोबाइल बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान तीनों ने लूट की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। हालांकि, पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपितों की भूमिका और लूट की पूरी रकम समेत अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि कृष्ण कुमार के खिलाफ रोहतास जिले के दावथ थाना क्षेत्र में भी एक मामला दर्ज है। उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
अन्य आरोपितों की तलाश जारी
इस मामले में नावानगर थाना में कांड संख्या 86/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस के मुताबिक, लूटकांड में शामिल बाकी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस की चार घंटे के भीतर की गई कार्रवाई से मामले का तेजी से खुलासा हुआ है।



