RKDF विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय रोबोटिक्स कार्यशाला का सफल आयोजन

Ranchi : आर.के.डी.एफ. विश्वविद्यालय, रांची के यांत्रिक अभियंत्रण विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय “हैंड्स-ऑन रोबोटिक्स कार्यशाला” का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। 21 से 25 अप्रैल 2025 तक चली इस कार्यशाला में बी.टेक एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। Also Read : जमीअतुल

RKDF विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय रोबोटिक्स कार्यशाला का सफल आयोजन
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Ranchi : आर.के.डी.एफ. विश्वविद्यालय, रांची के यांत्रिक अभियंत्रण विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय “हैंड्स-ऑन रोबोटिक्स कार्यशाला” का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। 21 से 25 अप्रैल 2025 तक चली इस कार्यशाला में बी.टेक एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को रोबोटिक्स के विविध पहलुओं जैसे रोबोट मैकेनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्डुइनो प्रोग्रामिंग, सेंसर इंटीग्रेशन और USB-Serial नियंत्रित ड्राइव बॉट निर्माण में व्यावहारिक ज्ञान देना था।

इस कार्यशाला में देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने छात्रों का मार्गदर्शन किया। डॉ. विजय भास्कर सेमवाल (MANIT भोपाल) ने “बाइपेडल लोकोमोशन और ह्यूमन गेट एनालिसिस” पर व्याख्यान दिया। डॉ. विजय कुमार डल्ला (NIT जमशेदपुर) ने रोबोटिक्स के विविध आयामों पर चर्चा करते हुए RoboAnalyzer सॉफ्टवेयर का प्रदर्शन किया। डॉ. कौशिक कुमार (BIT मेसरा) ने स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग में कोबोटिक सिस्टम्स की भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ. गोलक बिहारी महंत (NIT पटना) ने Gazebo, ROS, और MATLAB जैसे सॉफ्टवेयर के उपयोग पर व्यावहारिक ज्ञान साझा किया।
व्यावहारिक सत्रों में योगेन्द्र कुमार (OTS वर्ल्ड) ने Arduino आधारित रोबोटिक्स के सरल प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए और छात्रों को नवाचार के लिए प्रेरित किया।

समापन सत्र में डॉ. राजीव रंजन (यांत्रिक विभाग, आर.के.डी.एफ. विश्वविद्यालय) ने “प्रयोगात्मक रोबोटिक्स: लैब से वास्तविक दुनिया तक” विषय पर अपने विचार साझा किए।

समारोह में कुलपति डॉ. एस. चटर्जी ने कहा, “यह कार्यशाला नवाचार और तकनीकी सशक्तिकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करती है।”
कुलसचिव डॉ. अमित कुमार पांडेय ने छात्रों के सर्वांगीण विकास में ऐसे आयोजनों की महत्ता को रेखांकित किया। सहायक कुलसचिव डॉ. पंकज चटर्जी ने युवाओं में आत्मनिर्भरता और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करने में कार्यशाला की भूमिका की सराहना की।

समापन अवसर पर डॉ. बी.आर.पी. सिंह, डॉ. निरंजन मिश्रा, शैलेन्द्र कुमार, खुशबू कुमारी, रितु कुमारी, अंकिता कुमारी और प्रसून कुमार भी उपस्थित रहे। आभार ज्ञापन दीपक कुमार गुप्ता ने प्रस्तुत किया और सभी प्रतिभागियों, विशेषज्ञों एवं आयोजन टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। छात्रों ने इस कार्यशाला को एक “ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और भविष्य उन्मुख” अनुभव बताया।

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