Ranchi : भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु में बुधवार को ऐतिहासिक वातावरण में वनवासी कल्याण केंद्र द्वारा संचालित ‘बिरसा शिशु मंदिर’ के नवनिर्मित भवन का भव्य उद्घाटन हुआ। यह भवन लखमीचंद विशम्भरनाथ स्मृति परिसर, आगरा के आशीष मसाले द्वारा प्रायोजित है, और इसका शुभारंभ दीप प्रज्वलन व पुष्पार्चन के साथ किया गया।
Also Read : नमक तेज होने पर गर्भवती को छत से फेंका
इस कार्यक्रम में समाजसेवी राधेश्याम अग्रवाल (आगरा), भगवान सहाय (अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री, कल्याण आश्रम), सुखराम मुंडा (भगवान बिरसा मुंडा के प्रपौत्र), अनुराधा भाटिया (महिला प्रमुख), डॉ. पंकज भाटिया (आरोग्य प्रमुख), देवव्रत पाहन (क्षेत्र संघचालक) समेत कई गणमान्य अतिथियों ने शिरकत की।
मुख्य वक्ता भगवान सहाय ने कहा कि “सरस्वती शिशु मंदिर सिर्फ शिक्षा केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला हैं।” वहीं राधेश्याम अग्रवाल ने भवन निर्माण में योगदान देने वालों को धन्यवाद देते हुए बच्चों को समाज और देश हित में कार्य करने की प्रेरणा दी।
डॉ. तनुजा मुंडा, जो श्रीहरि वनवासी विकास समिति की अध्यक्ष हैं, ने अध्यक्षीय संदेश में ग्रामीण विकास और संस्कारयुक्त शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। धनंजय सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यक्रम के दौरान करीब 300 ग्रामीणों, मजदूरों और मिस्त्रियों को धोती-साड़ी देकर सम्मानित किया गया। साथ ही, अतिथियों द्वारा वृक्षारोपण कर पर्यावरण सुरक्षा का संदेश दिया गया तथा 300 घरों में पौधों का वितरण किया गया, जिससे गांव में हरियाली को बढ़ावा मिले।
मंच संचालन दीन बंधु सिंह ने किया, जबकि अतिथि परिचय की जिम्मेदारी जगमोहन बड़ाइक ने निभाई। कार्यक्रम में क्षेत्र संगठन मंत्री प्रफुल्ल आकांत, शिक्षा प्रमुख सुभाष चंद्र दुबे, संगठन मंत्री सुशील मरांडी, इंजीनियर नवीन परमार, दीनदयाल शर्मा, अनिरुद्ध कुमार सहित अनेक स्थानीय व प्रांतीय कार्यकर्ता, सैकड़ों ग्रामीण पुरुष-महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे।
यह आयोजन केवल उद्घाटन नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक, शैक्षणिक और पर्यावरणीय चेतना का उत्सव बन गया।

