New Delhi : भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चली आ रही व्यापारिक तनातनी और टैरिफ विवाद पर अब विराम लग गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और प्रधानमंत्री Narendra Modi के बीच हुई उच्चस्तरीय बातचीत के बाद दोनों देशों ने एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर सहमति जता दी है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर साझा की और प्रधानमंत्री मोदी की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आपसी विश्वास, मित्रता और सम्मान के कारण यह समझौता तुरंत प्रभाव से संभव हो सका। इस डील का सबसे बड़ा फायदा भारत को मिला है, क्योंकि अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है।
टैरिफ को लेकर भ्रम दूर
भारत में अमेरिकी राजदूत Sergio Gorr ने स्पष्ट किया कि भले ही पहले टैरिफ 50 प्रतिशत तक जाने की अटकलें थीं, लेकिन अंतिम निर्णय के तहत भारत पर सिर्फ 18 प्रतिशत टैरिफ ही लागू रहेगा। उन्होंने कहा कि कुछ तकनीकी औपचारिकताओं में समय लग सकता है, लेकिन अंतिम दर तय है।
भारत भी अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ घटाएगा
राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया कि इस कटौती के बदले भारत भी अमेरिकी वस्तुओं पर अपने टैरिफ को शून्य करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके तहत भारत आने वाले वर्षों में अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर की ऊर्जा, तकनीक, कृषि उत्पाद और कोयले की खरीद कर सकता है। इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
ऊर्जा और भू-राजनीति से जुड़ा बड़ा पहलू
इस समझौते का एक अहम पक्ष ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक राजनीति से जुड़ा है। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि भारत धीरे-धीरे रूस से तेल आयात कम करेगा और इसके विकल्प के रूप में अमेरिका तथा संभवतः वेनेजुएला से अधिक तेल और गैस खरीदेगा। यह बदलाव वैश्विक ऊर्जा बाजार और भू-राजनीतिक संतुलन के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
“140 करोड़ भारतीयों की जीत”: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते का स्वागत करते हुए इसे भारत की 140 करोड़ जनता की जीत बताया। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप का आभार जताते हुए कहा कि मेड इन इंडिया उत्पादों पर टैरिफ कम होने से भारतीय निर्यातकों और उद्यमियों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि जब दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र और प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं मिलकर काम करती हैं, तो इसके सकारात्मक परिणाम वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के रूप में सामने आते हैं। यह समझौता भारत-अमेरिका संबंधों को एक नए और मजबूत स्तर पर ले जाने वाला साबित होगा।

