Washington : अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण शांति समझौता हुआ है, जिसके तहत सामरिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को फिर से खोला जाएगा और वहां से गुजरने वाले जहाजों से कोई टोल नहीं लिया जाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर सहमति
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता हो चुका है। इस समझौते के तहत अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा, जबकि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी के लिए फिर से खोलेगा। इसके बाद समुद्री मार्ग में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
ट्रंप ने बताया “ऐतिहासिक शांति समझौता”
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह समझौता क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उनके अनुसार, यह समझौता ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।
हालांकि, समझौते का पूरा आधिकारिक पाठ अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है और कई प्रमुख मुद्दों पर आगे भी बातचीत जारी रहने की संभावना है।
तेल बाजार में दिखा असर
समझौते की खबर सामने आते ही वैश्विक तेल बाजार में तेजी से प्रतिक्रिया देखने को मिली। तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि निवेशकों को उम्मीद है कि होर्मुज मार्ग से तेल और गैस की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी।
अभी भी कई सवाल बाकी
हालांकि ट्रंप ने जलडमरूमध्य को “टोल-फ्री” और जल्द खुलने वाला बताया है, लेकिन कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार समझौते के कुछ प्रमुख बिंदुओं पर अभी भी स्पष्टता नहीं है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और जलडमरूमध्य के संचालन की शर्तों पर आगे वार्ता जारी रहेगी।
पाकिस्तान की भी रही भूमिका
Shehbaz Sharif ने भी संकेत दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता कराने में पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है और औपचारिक हस्ताक्षर समारोह स्विट्जरलैंड में आयोजित किया जा सकता है।
इस बीच, दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह प्रारंभिक समझौता वास्तव में स्थायी शांति और क्षेत्रीय स्थिरता का मार्ग प्रशस्त कर पाएगा।


