Ranchi/ Kanke : कांके प्रखंड कार्यालय में व्याप्त अव्यवस्था, फाइलों में हो रही देरी और आम लोगों की उपेक्षा के खिलाफ मंगलवार को जनआक्रोश फूट पड़ा। भाजपा के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रखंड कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों की मांग थी कि प्रशासन जवाबदेह बने और जनहित के कार्यों में पारदर्शिता लाई जाए।
Also Read : गौतम अडाणी के जन्मदिवस पर गोड्डा में रक्तदान शिविर, 400 यूनिट रक्त संग्रहित
मुखिया संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोमा उरांव ने आंदोलन का नेतृत्व करते हुए कहा, “अब चुप नहीं बैठेंगे। यह चिंगारी अब हर गाँव में जागेगी। जनता को न केवल अपने अधिकार चाहिए, बल्कि उनके सम्मान की रक्षा भी होनी चाहिए।” उन्होंने साफ किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह आमजन की व्यथा और व्यवस्था में सुधार की मांग का प्रतीक है।
धरने के दौरान उपस्थित लोगों ने एक स्वर में नारे लगाए –
-
“काम के लिए चक्कर नहीं, समाधान हो अधिकार!”
-
“जनता की सेवा नहीं रुके, हर कार्यालय जवाबदेह बने!”
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि आम जनता को मामूली कामों के लिए भी कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। फाइलें महीनों तक अटकी रहती हैं, जिससे योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पाता।
सोमा उरांव ने यह भी कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया, तो आंदोलन को और भी बड़ा रूप दिया जाएगा। “यह सिर्फ शुरुआत है। जब तक जनता को सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा,” उन्होंने जोड़ा।
धरना के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने प्रखंड प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यह मांग की गई कि जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, लंबित मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए और प्रखंड स्तर पर एक निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। अब जनता अपने अधिकार को लेकर जागरूक है और वह चुप नहीं बैठेगी।






