Kolkata : पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में अंदरूनी कलह तेज हो गई है। पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों के बीच नेतृत्व को लेकर संघर्ष खुलकर सामने आ गया है। इसी बीच बागी विधायकों के गुट ने कोलकाता में बैठक कर नई वर्किंग कमेटी का गठन किया और वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित करने का दावा किया।
नोट: यह दावा बागी गुट की ओर से किया गया है। आधिकारिक तौर पर टीएमसी नेतृत्व द्वारा इस बदलाव की पुष्टि नहीं की गई है।
कौन हैं अरूप रॉय?
अरूप रॉय पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी और शुरुआती दौर में कांग्रेस की छात्र इकाई से जुड़े रहे। वर्ष 1998 में ममता बनर्जी द्वारा तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद वह पार्टी के शुरुआती और प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए।
चार बार के विधायक
अरूप रॉय हावड़ा मध्य विधानसभा क्षेत्र से लगातार चार बार विधायक चुने जा चुके हैं। उन्होंने 2011, 2016, 2021 और 2026 के विधानसभा चुनावों में टीएमसी के टिकट पर जीत दर्ज की।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकारों में उन्होंने कृषि विपणन और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी संभाली।
संगठन पर मजबूत पकड़
अरूप रॉय को हावड़ा जिले में पार्टी का मजबूत संगठनकर्ता माना जाता है। लंबे समय तक उन्होंने टीएमसी के हावड़ा जिला अध्यक्ष के रूप में कार्य किया और संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
स्थानीय राजनीति में गुटबाजी को नियंत्रित करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की क्षमता के कारण उन्हें पार्टी का “संकटमोचक” भी कहा जाता रहा है।
बागी गुट के साथ आए
हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बीच अरूप रॉय बागी विधायकों के गुट के साथ खड़े दिखाई दिए। कोलकाता में आयोजित बैठक में उन्हें बागी गुट की ओर से टीएमसी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया।
बैठक के दौरान बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि यदि ममता बनर्जी चाहें तो उन्हें पार्टी का “मुख्य सलाहकार” बनाया जा सकता है।
नई वर्किंग कमेटी का गठन
बागी गुट द्वारा घोषित नई कार्यकारिणी में:
- राष्ट्रीय अध्यक्ष: अरूप रॉय
- उपाध्यक्ष: फिरहाद हकीम, रथिन घोष और सबीना यास्मीन
- महासचिव: ऋतब्रत बनर्जी, जावेद खान और संदीपन साहा
- कोषाध्यक्ष: अखरुज्जमान अंसारी
चुनाव आयोग को दी जाएगी जानकारी
ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि नई कार्यकारिणी का गठन पार्टी संविधान के अनुरूप किया गया है और इसकी जानकारी चुनाव आयोग को भेजी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही जिला समितियों, राज्य इकाई और पार्टी प्रवक्ताओं के नामों की घोषणा की जाएगी।
हालांकि, टीएमसी के आधिकारिक नेतृत्व की ओर से इन दावों पर अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



