- बिना प्रदूषण नियंत्रण की स्वीकृति धड़ल्ले से चल रहे भट्ठे, वर्षों से कार्रवाई नहीं होने पर उठे गंभीर सवाल
मुकेश रंजन
Ranchi : ठाकुरगांव-बुढ़मू प्रखंड क्षेत्र में नियम-कायदों को ताक पर रखकर संचालित किए जा रहे ईंट-भट्ठों को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। आरोप है कि क्षेत्र में कई ईंट-भट्ठे आवश्यक पर्यावरणीय एवं प्रदूषण संबंधी स्वीकृतियों के बिना वर्षों से संचालित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रखंड क्षेत्र में बड़ी संख्या में ईंट-भट्ठों से निकलने वाला धुआं और राख वातावरण को प्रभावित कर रहा है। खासकर जंगल क्षेत्र से सटे इलाकों में संचालित भट्ठों को लेकर पर्यावरण और वन क्षेत्र की सुरक्षा पर भी चिंता जताई जा रही है।
धुएं के गुबार में पर्यावरण, जिम्मेदार कौन? :
ग्रामीणों का आरोप है कि नियमों की अनदेखी कर ईंट-भट्ठों का संचालन जारी है, जबकि प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित आवश्यक अनुमति और मानकों का पालन करना अनिवार्य है। लगातार उठते धुएं से आसपास के गांवों में प्रदूषण का असर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
विभागीय कार्रवाई पर बड़ा सवाल :
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि संबंधित ईंट-भट्ठे नियमों के विपरीत संचालित हो रहे हैं, तो वर्षों से उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी नहीं है या फिर शिकायतों के बावजूद मामले को नजरअंदाज किया जा रहा है?
वन क्षेत्र से सटे भट्ठों के संचालन को लेकर वन विभाग की भूमिका और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने संबंधित प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण विभाग और वन विभाग से पूरे प्रखंड क्षेत्र में संचालित ईंट-भट्ठों की जांच कराने, आवश्यक अनुमति एवं पर्यावरणीय मानकों की पड़ताल करने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग इन सवालों का जवाब देते हैं या फिर अवैध ईंट-भट्ठों का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।









