- बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए 551 अधिकारियों को एक-एक मॉडल स्कूल की जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने औचक निरीक्षण, डिजिटल लर्निंग और नियमित रिपोर्टिंग के निर्देश दिए।
Patna : बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 551 अधिकारियों को एक-एक सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल) स्कूल की जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और बेहतर शैक्षणिक परिणामों के माध्यम से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार की जाए।
बैठक के दौरान शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य में संचालित मॉडल स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। वहीं, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एसएम ने ई-लर्निंग और 24 घंटे सातों दिन इंटरैक्टिव डिजिटल लर्निंग प्लेटफार्म के बारे में जानकारी दी।
एक अधिकारी-एक मॉडल स्कूल व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में संचालित मॉडल स्कूलों को अधिकारियों से सीधे जोड़ा जाए और एक अधिकारी-एक मॉडल स्कूल की व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। इससे स्कूलों में आने वाली समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जा सकेगा।
उन्होंने विद्यालयों का औचक निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियों और प्रतिदिन होने वाले कार्यों की रिपोर्टिंग मुख्यालय और जिला स्तर पर सुनिश्चित करने को कहा।
तीन माह पर होगी अभिभावक-शिक्षक बैठक
मुख्यमंत्री ने मॉडल स्कूलों में प्रत्येक तीन माह पर अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और उनकी आवश्यकताओं को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों के बीच नियमित संवाद स्थापित करना है।
उन्होंने पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों और अनुभवों का लाभ वर्तमान विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए उनके साथ नियमित बैठक और मार्गदर्शन की व्यवस्था विकसित करने को भी कहा।
जेईई-नीट की तैयारी और डिजिटल लर्निंग पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के ई-लर्निंग और 24X7 इंटरैक्टिव डिजिटल लर्निंग प्लेटफार्म को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग कर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री, विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और आधुनिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।



