मक्का की फसल पर फॉल आर्मी वर्म का खतरा, कृषि विभाग ने किसानों को किया सतर्क

कटिहार। जिले में संकर मक्का के उन्नत बीजों का वितरण और बुआई का काम तेजी से चल रहा है। इसी बीच मक्का की फसल पर विनाशकारी कीट फॉल आर्मी वर्म (स्पोडोप्टेरा फ्रुगिपर्डा) के संभावित प्रकोप को लेकर कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क किया है।

मक्का की फसल पर फॉल आर्मी वर्म का खतरा, कृषि विभाग ने किसानों को किया सतर्क

कटिहार। जिले में संकर मक्का के उन्नत बीजों का वितरण और बुआई का काम तेजी से चल रहा है। इसी बीच मक्का की फसल पर विनाशकारी कीट फॉल आर्मी वर्म (स्पोडोप्टेरा फ्रुगिपर्डा) के संभावित प्रकोप को लेकर कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क किया है।

कृषि विभाग के अनुसार, जिले में इस वर्ष मक्का की खेती के लिए 2968.65 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले अब तक 638.72 हेक्टेयर यानी 21.5 प्रतिशत क्षेत्र में बुआई पूरी हो चुकी है।

जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक (आत्मा) राजीव कुमार ने किसानों से नियमित रूप से खेतों की निगरानी करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि फॉल आर्मी वर्म मक्का की सबसे खतरनाक इल्ली में शामिल है, जो अंकुरण से लेकर भुट्टा बनने तक फसल को नुकसान पहुंचा सकती है। इसके प्रकोप से उत्पादन में 30 से 70 प्रतिशत तक की कमी हो सकती है।

सप्ताह में दो बार खेतों का निरीक्षण करने की सलाह

कृषि विभाग ने किसानों को सप्ताह में कम से कम दो बार खेतों का निरीक्षण करने की सलाह दी है। विशेष रूप से 15 से 45 दिन की फसल पर निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। इस कीट की पहचान इल्ली के सिर पर उल्टे ‘वाई’ आकार के निशान और मध्य कली में काले रंग के मल के जमाव से की जा सकती है।

विभाग के मुताबिक, यदि 5 प्रतिशत से अधिक पौधों में कीट का प्रकोप दिखाई दे तो फेरोमोन ट्रैप, यांत्रिक उपाय, जैविक नियंत्रण और अन्य अनुशंसित उपाय अपनाए जा सकते हैं। मध्य कली में बालू और राख का मिश्रण डालना भी एक प्रभावी यांत्रिक उपाय बताया गया है।

प्रकोप दिखने पर विशेषज्ञों से लें सलाह

यदि फसल में 5 से 10 प्रतिशत तक प्रकोप पाया जाता है, तो कृषि विभाग ने इमामेक्टिन बेंजोएट, क्लोरेंट्रानिलिप्रोल या स्पाइनेटोरम जैसे अनुशंसित कीटनाशियों का छिड़काव करने की सलाह दी है। दवा का छिड़काव इस तरह करने को कहा गया है कि वह पौधे की मध्य कली तक पहुंच सके।

राजीव कुमार ने कहा कि मक्का उत्पादन बढ़ाने, किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़ने और उनकी आय में सतत वृद्धि के लिए विभाग की ओर से उन्नत बीज, तकनीकी परामर्श और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। कटिहार में मक्का उत्पादन की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के जरिए जिले की निर्यात क्षमता को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

किसानों को सलाह दी गई है कि फसल में फॉल आर्मी वर्म के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तत्काल प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक या किसान सलाहकार से संपर्क कर वैज्ञानिक मार्गदर्शन प्राप्त करें।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी-अभी.