Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची से सटे पिठोरिया थाना क्षेत्र में पत्रकार विजय कुमार गोप पर हुआ हमला लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार के रूप में देखा जा रहा है। विजय कुमार गोप, जो लगातार बालू माफियाओं की अवैध गतिविधियों का पर्दाफाश कर रहे थे, 2 जून की रात अपने कैमरे के साथ पिठोरिया पहुंचे थे। लेकिन पत्रकारिता का फर्ज निभाना उन्हें भारी पड़ गया।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विजय कुमार गोप को मौके पर 10 गाड़ियों में सवार करीब 12 हमलावरों ने घेर लिया। उनके साथ मौजूद अन्य सहयोगी जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर भाग निकले, लेकिन विजय सिंह को बेरहमी से पीटा गया। हमलावरों की क्रूरता इस हद तक थी कि उन्हें सड़क पर ही लहूलुहान कर दिया गया।
इस घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। रांची जिला बार एसोसिएशन ने इस घटना को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया है। एसोसिएशन के महासचिव श्री संजय कुमार विद्रोही ने झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र सौंपते हुए तीव्र कार्रवाई की मांग की है।
बार एसोसिएशन की चार प्रमुख मांगें:
- हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी
- पुलिस द्वारा निष्पक्ष और तटस्थ जांच
- पत्रकारों की सुरक्षा की ठोस व्यवस्था
- सरकार द्वारा ज़ीरो टॉलरेंस नीति की घोषणा
एसोसिएशन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्हें लोकतांत्रिक तरीकों से सड़कों पर उतरना पड़ेगा। इस पत्र की प्रतिलिपि राज्यपाल, मुख्यमंत्री, आईजी, एसपी सहित कुल 11 वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है।
बार एसोसिएशन ने साफ कहा – “यह केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं है, बल्कि यह प्रेस की स्वतंत्रता और जनता के सूचना के अधिकार पर हमला है। हम अब और चुप नहीं रहेंगे।”

