Ranchi : 10 जून को सुबह 6:25 बजे खलारी प्रखंड कार्यालय के सभागार में मादक पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण एवं विचार-विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में आरकेडीएफ विश्वविद्यालय रांची से नोडल पदाधिकारी डॉ. मैनाक बनर्जी और नशा मुक्ति अभियान से जुड़े डॉ. अभिषेक वैभव विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम में खलारी प्रखंड के सभी पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव, और VLE (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर) मौजूद थे। प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों ने साझा किया कि प्रशिक्षण के बाद वे अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चला रहे हैं, जिसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं।
मुखियाओं ने साझा किए अनुभव:
अनेक पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रशिक्षण के पश्चात उन्होंने अपने गांवों में जनजागरूकता अभियान चलाया, जिससे कई लोग नशे की गिरफ्त से बाहर निकल पाए। मायापुर क्षेत्र के VLE मुकेश भुइया ने नुक्कड़ नाटक व सामूहिक परिचर्चा आयोजित की, जिसने स्थानीय लोगों पर सकारात्मक असर डाला। यह प्रयास क्षेत्र में एक प्रेरणा बन गया है।
डॉ. बनर्जी और डॉ. वैभव का मार्गदर्शन:
डॉ. मैनाक बनर्जी ने मादक पदार्थों की रोकथाम की रणनीतियों और इलाज की विधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे प्रशिक्षण के जरिए लोगों को नशे के दुष्प्रभाव और उससे बाहर निकलने के उपायों के प्रति संवेदनशील बनाया जा सकता है।
प्रश्नोत्तरी और परिचर्चा से जागरूकता:
प्रशिक्षण के दौरान प्रश्नावली और सामूहिक संवाद के जरिए सहभागियों को जागरूक किया गया। सभी उपस्थित लोगों ने नशा के खिलाफ सामूहिक लड़ाई में सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई।
विशेष योगदान:
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रखंड कर्मचारी श्री बलराम की भूमिका सराहनीय रही। उन्होंने आयोजन की व्यवस्था और संचालन में अहम योगदान दिया।
यह कार्यक्रम न केवल नशा मुक्ति की दिशा में एक सार्थक पहल रहा, बल्कि स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी के जरिए सामाजिक बदलाव का स्पष्ट संकेत भी दिया।

