Ranchi : नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची में दो दिवसीय विधान निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम 2025 का भव्य उद्घाटन हुआ। उद्घाटन समारोह में झारखंड विधानसभा अध्यक्ष श्री रविंद्रनाथ महतो मुख्य अतिथि और उच्च शिक्षा मंत्री श्री सुदिव्य कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
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इस अवसर पर ICPS, नई दिल्ली और NUSRL, रांची के बीच विधायी प्रशिक्षण और नीति शोध को लेकर एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी किए गए।
कार्यक्रम में विधायी प्रारूपण की गुणवत्ता, विधायी दस्तावेजों की संरचना और कानूनी भाषा की सरलता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो रही है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक आर. पाटिल ने अतिथियों का स्वागत किया और विधि क्षेत्र में विश्वविद्यालय की पहलों पर प्रकाश डाला।
डॉ. सीमा कौल सिंह ने कहा कि विधायी प्रारूपण एक सीखने योग्य कौशल है, जो कानून की स्थिरता और प्रासंगिकता दोनों सुनिश्चित करता है।
मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कानून को समाज सेवा का सबसे प्रभावी माध्यम बताया और सरकार-विश्वविद्यालय सहयोग की सराहना की।
अध्यक्ष श्री रविंद्रनाथ महतो ने विधायी भाषा की स्पष्टता और उद्देश्य की स्पष्ट परिभाषा पर जोर देते हुए कहा, अच्छा प्रारूपित कानून न्याय की नींव बनाता है।
विशेषज्ञ वक्ताओं में श्रीमती मुकुलिता विजयवर्गीय, डॉ. असद मलिक और अन्य शामिल हैं। कार्यक्रम में विधानसभा अधिकारी, पुलिस अधिकारी और कानून के छात्र बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।

