Ranchi : भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) की 40वीं वाहिनी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 को एक शक्ति, अनुशासन और आत्मचिंतन के उत्सव के रूप में मनाया। यह आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि सैनिकों की आंतरिक शक्ति और योग के प्रति निष्ठा का प्रतीक बना।
Also Read : रांची में रथमेला 2025: परंपरा, पर्यावरण और सुरक्षा का अद्भुत संगम
सुबह के शांत और ऊर्जावान वातावरण में, जवानों, अधिकारियों, उनके परिजनों और बच्चों ने भव्य सामूहिक योग सत्र में भाग लिया। सफेद पोशाकों में अनुशासित पंक्तियों में बैठे सैनिक और खुले नीले आकाश के नीचे होता योग अभ्यास दृश्य को प्रेरणादायक बना रहा था।
इस आयोजन का नेतृत्व कमान्डेंट श्री रजनीश सिंह ने किया, जिनकी देखरेख में यह पूरा कार्यक्रम अत्यंत अनुशासित ढंग से संचालित हुआ।
प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों ने सैनिकों को सूक्ष्म व्यायाम, अनुलोम-विलोम, ध्यान और ताड़ासन, वज्रासन जैसे योगासनों का अभ्यास कराया। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे योग केवल शारीरिक मजबूती ही नहीं देता, बल्कि तनाव को कम कर मानसिक स्थिरता भी प्रदान करता है।
मुख्य अतिथि श्रीमती बीना सिंह ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “योग आज के भागदौड़ भरे जीवन में तनाव मुक्त रहने का एक सरल लेकिन प्रभावशाली उपाय है।” उन्होंने जवानों और उनके परिवारों की संलग्नता की सराहना करते हुए इसे स्वास्थ्य का उत्सव बताया।
कार्यक्रम के अंत में कमान्डेंट रजनीश सिंह ने कहा, “हमारे शरीर की ढाल बंदूकें हो सकती हैं, लेकिन हमारे मन की तलवार योग है। चाहे हम बर्फीली सीमाओं पर तैनात हों या परिवार संग मैदान में, योग हमें हर परिस्थिति में सशक्त बनाता है।”
इस आयोजन ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि देश की सुरक्षा केवल हथियारों से नहीं, बल्कि संतुलित मानसिकता और अनुशासित जीवनशैली से भी सुनिश्चित होती है।

