Ranchi : राजधानी रांची इस वर्ष के श्रीजगन्नाथ रथ मेला 2025 को नए आयामों पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है। 27 जून से 5 जुलाई तक चलने वाले इस पवित्र उत्सव को इस बार केवल भक्ति और परंपरा से नहीं, बल्कि पर्यावरण मित्र, सुरक्षित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध मेले के रूप में भी प्रस्तुत किया जाएगा।
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रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में इस मेले को झारखंड का आदर्श आयोजन बनाने की दिशा में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।
✨ प्लास्टिक नहीं, परंपरा की वापसी:
पूरे मेला परिसर में प्लास्टिक सामग्री, जैसे थैलियां, डिस्पोजेबल कप-प्लेट आदि पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। इसके विकल्प के रूप में डोना-पत्तल, बांस के पात्र, सकोरे और मिट्टी के बर्तन उपयोग में लाए जाएंगे।
उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगेगा, जरूरत पड़ी तो स्टॉल भी सील किए जाएंगे।
🔐 हाईटेक सुरक्षा और निगरानी:
मेला क्षेत्र में 5 मुख्य प्रवेश द्वार, वॉच टावर, हाई मास्क लाइट्स और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम लगाए जाएंगे।
CCTV कैमरे हर कोने से निगरानी करेंगे।
झूले और अन्य मनोरंजन साधनों की तकनीकी सुरक्षा जांच अनिवार्य कर दी गई है।
🚰 सुविधा और स्वच्छता सर्वोपरि:
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शुद्ध पेयजल, निर्बाध बिजली, चलंत शौचालय और बायोटॉयलेट की व्यवस्था की गई है।
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रांची नगर निगम 24×7 सेवा में रहेगा और हर दिन सफाई सुनिश्चित की जाएगी।
धार्मिक मर्यादा बनी रहे:
रथ मेला क्षेत्र में मांस, मछली और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जिससे श्रद्धा और धार्मिक वातावरण अक्षुण्ण बना रहे।
उपायुक्त भजंत्री ने कहा, “यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, चेतना और नागरिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।” उन्होंने रांचीवासियों से अनुरोध किया कि वे इस आयोजन को स्वच्छ, सुरक्षित और अनुशासित बनाए रखने में सहयोग करें।

