पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। BRICS शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत के बढ़ते प्रभाव और उसके उदय को देख रही है। भारत अब केवल वैश्विक मंचों पर अपनी बात रखने वाला देश नहीं रह गया है, बल्कि साझा समाधान देने और दुनिया को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री रविवार को पटना में सहायक प्राध्यापकों के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने BRICS सम्मेलन के विभिन्न पहलुओं और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका पर विस्तार से अपनी बात रखी।
BRICS में भारत की अध्यक्षता को बताया महत्वपूर्ण
सम्राट चौधरी ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वां BRICS शिखर सम्मेलन देश की बढ़ती कूटनीतिक और वैश्विक प्रभाव क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उनके मुताबिक मौजूदा दौर में दुनिया भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं से गुजर रही है। ऐसे समय में शांति, संवाद और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि BRICS देशों की ओर से बहुपक्षवाद, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अधिक संतुलित वैश्विक व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता जताना पूरी दुनिया के लिए अहम संदेश है।
‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ को बताया बड़ी उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विभिन्न BRICS सदस्य देशों को एक साझा मंच पर लाने और सहमति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ को भारत की कूटनीतिक क्षमता और बढ़ते वैश्विक प्रभाव का प्रतीक बताया। उनके अनुसार वैश्विक स्तर पर बदलते समीकरणों के बीच विभिन्न देशों के बीच सहमति कायम करना भारत की मजबूत होती भूमिका को दर्शाता है।
ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूती
सम्राट चौधरी ने कहा कि भारत लगातार संयुक्त राष्ट्र समेत प्रमुख वैश्विक संस्थाओं में सुधार की मांग करता रहा है। इसका उद्देश्य विकासशील देशों को वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व दिलाना है। उन्होंने कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज को मजबूत करने की दिशा में भारत का प्रयास महत्वपूर्ण है। वैश्विक संस्थाओं को मौजूदा परिस्थितियों और दुनिया की बदलती वास्तविकताओं के अनुरूप अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाने की आवश्यकता है।
ऊर्जा सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए सुरक्षित और निरंतर ऊर्जा आपूर्ति बेहद महत्वपूर्ण है। BRICS के मंच पर ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सहयोग की जरूरत को प्रमुखता मिलना भविष्य के लिए अहम है। उन्होंने प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों को उनके मूल देशों में वापस लाने से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार इससे विभिन्न देशों की सांस्कृतिक संप्रभुता और विरासत के सम्मान को बढ़ावा मिलेगा।
UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन
सम्राट चौधरी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत और ब्राजील की स्थायी सदस्यता के समर्थन से वैश्विक शासन व्यवस्था में विकासशील देशों की भूमिका को मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर जोर देता रहा है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए इन संस्थाओं में अधिक देशों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व जरूरी है।
आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख जरूरी
मुख्यमंत्री ने BRICS देशों द्वारा आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर ठोस और सामूहिक कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवाद की फंडिंग, सीमा पार आतंकवादियों की आवाजाही और उन्हें सुरक्षित पनाह देने वालों के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है।
AI और डिजिटल तकनीक में सहयोग पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, क्वांटम तकनीक और नवाचार वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में BRICS देशों के बीच सहयोग बढ़ने से विकासशील देशों को काफी लाभ मिल सकता है। भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी अनुभव को दूसरे देशों के साथ साझा करने से व्यापक स्तर पर सकारात्मक बदलाव संभव है।
हर भारतीय के लिए गौरव का विषय है भारत का बढ़ता प्रभाव
सम्राट चौधरी ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता के बीच नियम आधारित, खुली और निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भूमिका देश के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, BRICS जैसे वैश्विक मंचों पर भारत की सक्रिय भूमिका यह संकेत देती है कि देश अब वैश्विक मुद्दों पर अपनी बात रखने के साथ-साथ साझा समाधान और सहयोग की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


