पटना: बिहार में गन्ने की खेती को आधुनिक और अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने नई पहल शुरू की है। गन्ना प्रौद्योगिकी विस्तार कार्यक्रम के तहत गन्ना उद्योग विभाग, चीनी मिलों और वैज्ञानिकों की 40 सदस्यीय टीम रविवार को तीन दिवसीय एक्सपोजर विजिट एवं प्रशिक्षण के लिए पुणे रवाना हुई। टीम में विभागीय अधिकारियों के साथ राज्य में संचालित चीनी मिलों के प्रतिनिधि और वैज्ञानिक शामिल हैं। पुणे में विशेषज्ञों से प्रशिक्षण लेने के बाद इन तकनीकों को बिहार की गन्ना खेती में लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। विभाग का मानना है कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने से किसानों की लागत कम करने और उत्पादन व आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
15 से 17 सितंबर तक चलेगा प्रशिक्षण
गन्ना प्रौद्योगिकी विस्तार कार्यक्रम के तहत 40 सदस्यीय टीम 15 से 17 सितंबर 2026 तक पुणे में रहेगी। टीम वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट में आयोजित एक्सपोजर विजिट सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेगी। इस दौरान अधिकारियों और वैज्ञानिकों को गन्ने की खेती से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही चीनी मिलों के संचालन और सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी समझने का अवसर मिलेगा।
आधुनिक गन्ना खेती की तकनीक पर होगा फोकस
पुणे भ्रमण के दौरान टीम का मुख्य जोर गन्ने की खेती में नई तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों को समझने पर रहेगा। प्रशिक्षण में खेती से लेकर गन्ने की सुरक्षा और बेहतर उत्पादन तक कई महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
चीनी मिलों के संचालन को भी समझेगी टीम
पुणे में टीम सिर्फ खेती की तकनीक तक सीमित नहीं रहेगी। सहकारिता विभाग के माध्यम से संचालित चीनी मिलों की कार्यप्रणाली को भी समझा जाएगा। इससे बिहार के अधिकारियों और चीनी मिल प्रतिनिधियों को मिल प्रबंधन, तकनीकी व्यवस्था और गन्ना आधारित उद्योग की विभिन्न प्रक्रियाओं को करीब से जानने का मौका मिलेगा। प्रशिक्षण के दौरान हासिल अनुभव को बिहार में गन्ना उद्योग को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल करने की योजना है।
किसानों तक पहुंचेगा प्रशिक्षण का लाभ
ईख आयुक्त के अनुसार, अधिकारियों और वैज्ञानिकों के पुणे में प्रशिक्षण लेने का सीधा फायदा बिहार के गन्ना किसानों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। नई तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों की जानकारी मिलने से राज्य में गन्ने की खेती को अधिक व्यवस्थित और उत्पादक बनाने में मदद मिल सकती है। खासकर खेती की लागत कम करने, फसल की गुणवत्ता सुधारने और उत्पादन बढ़ाने वाली तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने पर जोर रहेगा। इससे गन्ना किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ दिलाने की दिशा में भी मदद मिल सकती है।
कम लागत में बेहतर उत्पादन पर जोर
गन्ने की खेती में लागत, बीमारी और कीट प्रकोप जैसी चुनौतियां किसानों के लिए बड़ी समस्या रहती हैं। ऐसे में आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत तकनीक और वैज्ञानिक सलाह का इस्तेमाल किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। सरकार की कोशिश है कि पुणे में प्राप्त प्रशिक्षण और अनुभव को बिहार की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप इस्तेमाल किया जाए, ताकि किसानों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।
मंत्री ने टीम को दी शुभकामनाएं
गन्ना उद्योग विभाग के मंत्री संजय कुमार ने टीम के पुणे रवाना होने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि टीम वहां नई तकनीकों की जानकारी हासिल करेगी और इसका लाभ राज्य के किसानों तक पहुंचाया जाएगा। मंत्री के मुताबिक, सरकार का लक्ष्य कम लागत में गन्ने की बेहतर खेती को बढ़ावा देना और किसानों को अधिक से अधिक लाभ दिलाना है। उन्होंने 40 सदस्यीय टीम को प्रशिक्षण और भ्रमण के लिए शुभकामनाएं दीं।


