रांची: जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के बीच बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस जारी होने से अंचल कार्यालयों में भीड़ बढ़ गई है। जिले में कुल 21,42,991 मतदाता हैं, जिनमें से 6,44,071 मतदाताओं को नोटिस दिया गया है। यह कुल मतदाताओं का करीब 30 प्रतिशत है। इनमें 2,08,801 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी, जबकि 4,35,270 मामलों में दस्तावेज या विवरण से जुड़ी गड़बड़ी सामने आई है।
नोटिस मिलने के बाद बड़ी संख्या में मतदाता जरूरी दस्तावेज लेकर अंचल कार्यालय पहुंच रहे हैं। हालांकि, कई लोगों का कहना है कि उन्हें बीएलओ की ओर से नोटिस और आगे की प्रक्रिया की पूरी जानकारी समय पर नहीं मिल रही है। इसके कारण लोग अधूरे दस्तावेजों के साथ कार्यालय पहुंच रहे हैं और उन्हें दोबारा प्रक्रिया पूरी करनी पड़ रही है।
एक नोटिस के समाधान में लग रहे तीन से चार घंटे
एसआईआर के तहत जारी नोटिस का समाधान कराने में कई मतदाताओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार, एक व्यक्ति को दस्तावेजों की जांच और संबंधित प्रक्रिया पूरी करने में तीन से चार घंटे तक लग रहे हैं। डिजिटल माध्यम से दस्तावेजों का सत्यापन भी लोगों के लिए आसान नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, डीजी लॉकर को निर्वाचन आयोग की व्यवस्था से लिंक कर दस्तावेजों का सत्यापन करने में भी तकनीकी और प्रक्रियागत दिक्कतें सामने आ रही हैं।
बच्चों की जन्मतिथि में कम अंतर पर भी सामने आ रहे मामले
SIR की प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों में जन्मतिथि से जुड़ी कई विसंगतियां भी सामने आ रही हैं। कुछ मामलों में दो बच्चों की जन्मतिथि के बीच नौ महीने से भी कम का अंतर दर्ज है। बताया गया कि कुछ अभिभावकों ने बच्चों की उम्र कम दिखाकर जन्म प्रमाण पत्र बनवाया था। ऐसे मामलों में रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर मिलने पर सत्यापन की जरूरत पड़ रही है। अधिकारियों के स्तर से शपथ पत्र लेकर ऐसे मामलों में मैपिंग की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
ECI Net पर देख सकते हैं नोटिस की स्थिति
मतदाता घर बैठे भी अपने नोटिस की स्थिति की जानकारी लेने की कोशिश कर सकते हैं। कर्मचारियों के अनुसार, ECI Net पर लॉगिन करने के बाद ‘Certificate Document Against Notice Issued’ विकल्प का इस्तेमाल करना होगा। इसके बाद EPIC नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करने पर OTP के जरिए नोटिस से संबंधित जानकारी देखी जा सकती है। इससे मतदाताओं को कार्यालय जाने से पहले यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि उनके मामले में किस तरह की जानकारी या दस्तावेज की जरूरत है।
लापरवाही करने वाले BLO पर कार्रवाई की तैयारी
जिला प्रशासन ने शहरी क्षेत्रों में कुछ बीएलओ के काम को लेकर असंतोष जताया है। अधिकारियों के अनुसार, कई मतदाताओं को यह जानकारी तक नहीं है कि उनके नाम पर नोटिस जारी किया गया है। कुछ मामलों में बीएलओ द्वारा सिर्फ फोन कर औपचारिकता पूरी करने की शिकायत भी सामने आई है। वहीं, फॉर्म भरते समय जरूरी कॉलम छूट जाने के कारण भी गलत या अनावश्यक नोटिस जारी होने की बात कही जा रही है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि काम में लापरवाही बरतने वाले बीएलओ को चिह्नित किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
किस विधानसभा क्षेत्र में कितने नोटिस?
बिल्कुल, आपकी खबर के लिए टेबल इस तरह रहेगी:
| विधानसभा क्षेत्र | कुल नोटिस | नो मैपिंग | अन्य गड़बड़ी |
|---|---|---|---|
| सिल्ली | 39,085 | 7,767 | 31,318 |
| तमाड़ | 44,241 | 9,091 | 35,150 |
| खिजरी | 95,094 | 28,827 | 66,267 |
| रांची | 95,581 | 45,840 | 49,741 |
| मांडर | 1,00,035 | 11,188 | 88,847 |
| कांके | 1,31,512 | 46,677 | 84,835 |
| हटिया | 1,38,523 | 59,411 | 79,112 |
| कुल | 6,44,071 | 2,08,801 | 4,35,270 |
सबसे ज्यादा नोटिस: हटिया विधानसभा क्षेत्र में 1,38,523
सबसे ज्यादा नो मैपिंग: हटिया में 59,411
सबसे ज्यादा अन्य गड़बड़ी: मांडर में 88,847
आंकड़ों के मुताबिक हटिया विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 1,38,523 नोटिस जारी हुए हैं। इसके बाद कांके और मांडर का स्थान है।
ग्रामीण इलाकों में भी मतदाताओं की बढ़ी परेशानी
खलारी
खलारी प्रखंड के सभी 69 बूथों पर SIR की प्रक्रिया चल रही है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग दस्तावेज लेकर कार्यालय पहुंच रहे हैं। दादा या पिता के नाम में अंतर होने पर अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाने की बात सामने आई है। कई लोगों से पुराने जमीन संबंधी रिकॉर्ड भी मांगे जा रहे हैं।
अनगड़ा
अनगड़ा में बीएलओ के घर-घर नहीं पहुंचने और पर्याप्त जानकारी नहीं मिलने से ग्रामीणों में भ्रम की स्थिति है। कई महिलाएं मायके से मतदाता सूची लाकर सत्यापन करा रही हैं। दस्तावेजों में अंतर मिलने पर उन्हें नोटिस का सामना करना पड़ रहा है। प्रज्ञा केंद्रों पर भी लोगों की भीड़ बढ़ी है।
सोनाहातू
सोनाहातू प्रखंड कार्यालय में प्रतिदिन करीब 150 से 200 नोटिस का समाधान किया जा रहा है। यहां मुख्य समस्या दस्तावेजों को लेकर है। मैट्रिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, स्थानीय प्रमाण पत्र या खतियान में नाम नहीं मिलने पर पंचायत प्रतिनिधियों से सत्यापन कराने की जरूरत पड़ रही है।
मांडर
मांडर प्रखंड के विभिन्न गांवों से रोजाना 200 से 300 लोग नोटिस लेकर पहुंच रहे हैं। नाम, जन्मतिथि और मतदाता सूची में वर्तनी की अलग-अलग प्रविष्टियां होने के कारण कई लोगों को नोटिस जारी हुआ है।
दस्तावेजों की सही जानकारी रखना जरूरी
SIR के दौरान मतदाताओं के दस्तावेजों और मतदाता सूची में दर्ज जानकारी का मिलान किया जा रहा है। ऐसे में नाम, जन्मतिथि और पारिवारिक विवरण में किसी तरह का अंतर होने पर मतदाताओं को अतिरिक्त सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
बड़ी संख्या में नोटिस जारी होने के कारण प्रशासन के सामने लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराने और समय पर दस्तावेजों का सत्यापन करने की चुनौती भी बढ़ गई है। ऐसे में बीएलओ स्तर पर स्पष्ट सूचना और अंचल कार्यालयों में बेहतर व्यवस्था से मतदाताओं की परेशानी कम की जा सकती है।



